चरखी दादरी। दादरी रोडवेज डिपो भले ही विद्यार्थियों के लिए बसों के रूट बढ़ाने के दावे कर रहा हो, लेकिन दोपहर बाद बस स्टैंड से निकलने वाली बसों में उमड़ने वाली भीड़ उन दावों की हवा निकाल रही है। आलम यह है कि भिवानी, लोहारू, रोहतक, कनीना और झज्जर रूटों पर यात्रियों को पायदान पर लटककर सफर करना पड़ रहा है।
इससे उनकी जान तक जोखिम में पड़ रही है। यात्रियों का कहना है कि छात्रों की बढ़ती आवाजाही के बीच कम से कम तीन-तीन अतिरिक्त बसें और चलाना जरूरी है, वरना स्थिति लगातार बिगड़ती ही जाएगी।
सरकार के आदेशों के बाद दादरी रोडवेज डिपो की ओर से विद्यार्थियों के लिए बौंद कलां से दादरी सुबह 8:10 बजे, दादरी से लोहारू सुबह 8 बजे और पिलाना से दादरी के लिए सुबह साढ़े सात बजे बसों का संचालन शुरू करते हुए रूट बढ़ाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यात्रियों व विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए ये प्रबंध नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसकी बानगी दोपहर बाद दादरी बस स्टैंड से चलने वाली बसों में देखी जा सकती है। हालात ये हैं कि दोपहर बाद लोहारू, रोहतक, भिवानी, कनीना व झज्जर रूटों पर जाने वाले यात्री जान जोखिम में डाल पायदान पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर हो रहे हैं। बसों में सफर करने वाले विद्यार्थी राजेश, हिमांशु, प्रतीक, अमन, प्रशांत, योगेश आदि ने बताया कि परिवहन विभाग के पास पर्याप्त बसें न होने के कारण बसों को बढ़ाने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।