चरखी दादरी। गत छह माह में सिविल अस्पताल की ओपीडी ढाई गुना बढ़ी है जबकि रोहतक पीजीआई रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या घटी है। यह दावा सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने किया है। उनका कहना है कि उपायुक्त प्रीति के मार्गदर्शन में जिला के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिक अस्पताल में अब बहुत कम मरीजों को रोहतक या भिवानी रेफर किया जा रहा है।
सिविल सर्जन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ पूरे मनोयोग से मरीजों का उपचार व उनकी देखभाल कर रहा है। उन्होंने बताया कि दादरी के जिलास्तरीय नागरिक अस्पताल में छह माह पहले तक दैनिक ओपीडी 400 तक रहती थी, लेकिन अब प्रतिदिन सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक 1000 रोगियों की जांच कर उनको दवाएं दी जा रही है। यहां के एसएमओ डॉ. राजविंद्र मलिक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और उन्होंने प्रसूता महिलाओं को बाहर ऑपरेशन के लिए भेजने के बजाय यहीं पर सिजेरियन ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। पहले यह सुविधा नागरिक अस्पताल में नहीं थी।
डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि अस्पताल में नेत्ररोग विशेषज्ञ, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, कान, गला, नाक रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग की पूरी टीम बैठने के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसी प्रकार गंभीर रोगियों को रेफर करने की अपेक्षा दादरी अस्पताल में ही डॉक्टरों की टीम इलाज करने का प्रयास करती है।
- बौंद सीएचसी में 24 घंटे आपात सेवाएं हुई प्रारंभ
सीएमओ ने बताया कि बौंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं आरंभ कर दी गई हैं। यहां परिवार नियोजन के हर सप्ताह ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इसी प्रकार अस्पताल कैंपस में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
- इनकी नियुक्ति की अभी दरकार
सीएमओ ने बताया कि नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत उनका प्रयास है कि दादरी में एक फिजिशियन, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक सर्जन, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो जाए। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इनके वेतन में भी बढ़ोतरी करवा दी है। अब इन्हें एक लाख पचास हजार से दो लाख रुपये तक मिलेंगे। फिलहाल दादरी में 94 के बजाय 67 डॉक्टर्स हैं और चिकित्सकों के 27 पद रिक्त पड़े हैं।