कर्मचारी को कमरे में बंद करने के बाद ताला जड़ती महिलाएं।
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गांव झिंझर जलधर की जली हुई मोटर जनस्वास्थ्य विभाग ने पंद्रह दिन बाद ठीक नहीं करवाई है। मोटर जलने के चलते पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही और गांव में पेयजल संकट गहराया हुआ है। विभागीय नजरअंदाजी से खफा महिलाएं वीरवार को जलघर पर पहुंची और वहां तैनात कर्मचारी को कमरे में बंद कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारी को कमरे से बाहर निकाला। जेई ने शुक्रवार सुबह तक पेयजल आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।
झिंझर गांव में पेयजल आपूर्ति न होने के चलते महिलाएं और ग्रामीण वीरवार को जलघर पर पहुंच गए। जलघर में कार्यरत कच्चे कर्मचारी को उन्होंने कमरे में बंद करके ताला जड़ दिया। ग्रामीण मुकेश, विजय, संजय, जयभगवान, हरिप्रकाश, रामू, प्रवीन, सचिन, सीलू और सुमित ने बताया कि करीबन 15 दिन से जलघर की मोटर जल गई थी। मोटर जलने से गांव में पेयजल समस्या बनी हुई है। इसके अलावा जलघर की दो वोल्टेज भी खराब हुई भी जिनमें से एक ही रिपेयर होकर आई है। एक वॉल्टेज की कमी का असर भी पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य छह इंची पाइप लाइन में काफी संख्या में अवैध नल कनेक्शन होने के कारण अंतिम छोर पर पानी नहीं पहुंच पा रहा था। ताला लगाने की सूचना मिलने पर एसएचओ रामअवतार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बंधक बनाए कर्मचारी को मुक्त करवाया। जनस्वास्थ्य विभाग के जेई अमित कुमार को ग्रामीणों ने समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों को जेई ने शुक्रवार सुबह तक पेयजल आपूर्ति शुरू करवाने और अवैध कनेक्शन वालों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।