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छह माह में 15 बार खराब हुआ बोरिंग ट्यूबवेल, ग्रामीण झेल रहे पेयजल संकट

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पेयजल संकट गहराने पर रोष जताते कादमा के ग्रामीण। - फोटो : CharkhiDadri
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गांव कादमा में बोरिंग ट्यूबवेल बार-बार खराब होने से पेयजल संकट गहराया हुआ है। जनस्वास्थ्य विभाग के समस्या का स्थायी समाधान न करने से लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की 30 फीसदी आबादी पेयजल संकट झेल रही है लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले छह माह में बोरिंग ट्यूबवेल 15 बार खराब हो चुका है।
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गांव कादमा के नलकूप नंबर चार से 30 फीसदी आबादी को पेयजल आपूर्ति दी जाती है। पिछले छह महीने से बोरिंग सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा है। इस दौरान लगभग पंद्रह बार खराब हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग स्थायी समाधान करने की बजाय खानापूर्ति कर रहा है जिसके चलते कुछ समय बाद फिर से वहीं समस्या बन जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार पंचायत व प्रशासन से गुहार लगाने पर भी स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। बोरिंग का कमरा खंडहर में तब्दील हो चुका है। खुले आसमान के नीचे रखा हुआ स्टार्टर भी कई बार जल चुका है। चहारदीवारी भी पूरी तरह ढहने के कारण नालियों का गंदा पानी भी बोरवेल में जा रहा है, जिससे अनेक बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए जिला प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है।
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