चरखी दादरी। बागवानी फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में अब कई फसलों को शामिल कर लिया गया है। बागवानी फसलों को मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने इन फसलों को योजना में शामिल किया है। जिला बागवानी अधिकारी डाॅ. अरुण शर्मा ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बागवानी को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार सार्थक कदम बढ़ा रही है। प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा के नाम से एक नई योजना के पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस बीमा योजना के तहत बागवानी की फसलों में मौसम व प्राकृतिक कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जलकारक बाढ़, बादल फटना, नहर, ड्रेन का टूटना, जलभराव, आंधी-तूफान व आग आदि से होने वाले नुकसान को योजना में शामिल कर लिया है।
ये फसलें हैं शामिल
डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि अरबी, ककड़ी, टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली आदि सब्जियां योजना में शामिल हैं। वहीं हल्दी और लहसुन दो मसाले फसल भी योजना में शामिल है। फलों में आंवला, खजूर, अंजीर, जामून, नाशपाती, आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची सहित अन्य फसलें शामिल हैं।
सब्जियों व मसालों के लिए 30 हजार तो फलों के लिए मिलेंगे 40 हजार रुपये
यह योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत सब्जियों व मसालों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ व फलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ निश्चित रूप से दिए जाएंगे। इसमें किसान का योगदान हिस्सा आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा। बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान को सब्जियों में 750 रुपये व फलों में एक हजार रुपये प्रति एकड़ का प्रीमियम भरना होगा।