किसान भवन में सर छोटूराम को नमन करते किसान संगठन।
बाढड़ा। चौधरी छोटूराम किसान व कमेरे वर्ग के मसीहा थे। हमें इस तरह के महापुरुषों के पदचिन्हों पर चलकर अन्नदाता के हितों की आवाज उठाकर वंचित वर्ग को उनके अधिकार दिलाने के लिए बढ़ावा देना चाहिए। यह बात भाकियू अध्यक्ष हरपाल भांडवा ने सर छोटूराम किसान भवन में सर छोटूराम की जन्म जयंती पर पुष्प अर्पित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सर ने किसानों के हित में काफी कानून, नीतियां और योजनाएं बनाई और वे किसानों का संविधान निर्माता भी बने हैं। वैश्विक स्तर पर शोषित और शोषक की लड़ाई के संघर्ष को भारी शब्दों में समझाते हैं। उसको किसान-मजदूर को कमेरा और लुटेरा की लड़ाई जैसे शब्दों से बेहद आसानी से समझाने वाले, शोषित और शोषक के बीच की रेखा को खींचने वाले, राजनीतिक आजादी से पहले आर्थिक-सामाजिक आजादी के पक्षधर छोटूराम ताउम्र कमेरे वर्ग की लड़ाई लड़ते रहे।
उन्होंने शिक्षा के लिए भी अथक प्रयास किए और अनेक शिक्षण संस्थान बनवाकर शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया। इसके लिए उन्हें आज भी सम्मान से याद किया जाता है। युवाओं को उनसे प्रेरणा लेकर उनके पद चिह्नों पर चलना चाहिए। प्रेरक संघ प्रदेशाध्यक्ष विनोद मांढ़ी ने कहा कि चौधरी छोटूराम किसान के सच्चे हितैषी थे। किसानों को कर्ज मुक्त करवाने के लिए उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया। वे किसान और मजदूर के हितों के लिए उस समय के सत्ताधारी राजाओं से लड़ते रहे। उन्होंने सभी से एक दिसंबर को जसिया में होने वाले चौधरी छोटूराम धाम स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने का आह्वान किया। इस दौरान महासचिव ओमप्रकाश उमरवास, कमल, ओम प्रकाश, गिरधारी मोद, आनंद वालिया, रामअवतार, मीर सिंह, प्रताप, रणधीर, ऋषि, ब्रह्मपाल, नत्थूराम आदि मौजूद रहे।