चरखी दादरी। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियनशिप में जिले के गांव नीमली निवासी आरजू लुहाच ने स्वर्णिम सफलता हासिल की है। 68 किलोग्राम भारवर्ग में अपनी सभी छह बाउट आरजू ने 10-0 के अंतर से जीती और फाइनल मुकाबले में उसने सोनीपत की पहलवान राधिका को एकतरफा पटकनी देकर स्वर्ण पदक हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर पर आरजू का यह आठवां पदक है।
दरअसल, नीमली निवासी आरजू इस समय फतेहाबाद में कुश्ती का अभ्यास करती है। उसके अभ्यास के चलते पिता ओमप्रकाश भी आरजू के साथ रहते हैं। आरजू की मां सुनीता हिसार में रहती है। पिता ओमप्रकाश का कहना है कि बेटी के अभ्यास के चलते वो पत्नी से दूर फतेहाबाद में आरजू के साथ रहते हैं, ताकि उसके कोई असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के पुणे में 6 से 9 जनवरी तक ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप आयोजित की गई। इसमें आरजू ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बताया कि इस स्पर्धा में आरजू ने फाइनल मुकाबले तक छह बाउट खेलीं और सभी बाउट उसने न केवल एकतरफा जीती, बल्कि किसी भी प्रतिद्वंद्वी पहलवान को किसी भी बाउट में एक अंक भी हासिल नहीं करने दिया। सभी मुकाबले आरजू ने 10-0 के अंतर से अपने नाम किए। उन्होंने बताया कि इस स्पर्धा में 100 से अधिक महिला पहलवानों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर आरजू वापस लौट आई है।
ये हैं आरजू की मुख्य उपलब्धियां
- 2017 में आयोजित जूनियर कैडेट्स रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
- 2017 में आयोजित जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
- 2018 में आयोजित जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया।
- 2022 में आयोजित जूनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
- अंडर-23 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया।
- वर्ल्ड जूनियर रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
अब करेगी नेशनल बीच चैंपियनशिप की तैयारी
आरजू लुहाच के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि बेटी का चयन नेशनल बीच रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए हो चुका है। अब वो इस स्पर्धा की तैयारी में जुटेगी। उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि आरजू आगामी स्पर्धा में भी अपने स्वर्णिम प्रदर्शन को जारी रखेगी।