फोटो 20 माइनिंग टास्क फोर्स कमेटी की बैठक लेतीं उपायुक्त प्रीति।
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चरखी दादरी। अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसने की प्रशासन ने तैयारी कर ली है। इसके तहत खनन क्षेत्र के पास लगते वन क्षेत्रों में जीपीएस से पैमाइश करवाई जाएगी, ताकि अवैध खनन का पता लगाकर दोषी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वीरवार को आयोजित माइनिंग टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में उपायुक्त प्रीति ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं। हालांकि इससे पहले भी खनन विभाग अवैध खनन पर एक्शन लेकर कार्रवाई कर चुका है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी खनन क्षेत्रों के साथ लगते वन क्षेत्रों की निशानदेही कर दोषी पाई जाने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन की समय-समय पर जांच की जाए और दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाए। इस पर माइनिंग अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जिला के सभी खनन क्षेत्र में नियमानुसार खनन संबंधी समय-समय पर जांच की जाती है और इस समय पिचौपा कलां के तीन प्लॉट बंद हुए हैं। इनके रास्ते बंद कर दिए गए हैं और तीनों प्लॉटों का विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जा रहा है। खनन अधिकारी ने बताया कि अवैध खनन में 18 सितंबर को एक जेसीबी मशीन पकड़ी गई है, जिसे जब्त कर लिया गया है।
वहीं, उपायुक्त प्रीति ने जिला में ओवरलोड वाहनों की चेकिंग बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों के अधिक से अधिक चालान किए जाएं। ओवरलोड वाहनों से सड़कों को नुकसान होता है जबकि ये सड़क दुर्घटनाओं का भी कारण बनते हैं। इस पर प्रादेशिक प्राधिकरण सचिव दर्शना भारद्वाज ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अब तक एक करोड़ 52 लाख रुपये की राशि के चालान किए गए हैं और ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए प्रतिदिन चेकिंग भी की जा रही हैं। बैठक में एडीसी अनुराग ढालिया और जिला वन अधिकारी दलीप सिंह भी मौजूद रहे।
बिना ई-रवाना भी गुजर रहे ओवरलोड वाहन
बैठक में एसडीएम अनिल कुमार यादव ने बताया कि उनके द्वारा ओवरलोडिंग की चेकिंग के दौरान एक गाड़ी ऐसी पकड़ी गई, जिसके पास ई-रवाना नहीं था और आरटीए द्वारा उसका रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया गया था। गाड़ी को सील कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्य सड़कों से ही भारी वाहनों को निकालने के लिए बनाए जाएंगे रूट
उपायुक्त प्रीति ने कहा कि जिला में अलग-अलग रास्तों से गुजरने वाले भारी वाहनों को रूट निर्धारित कर मुख्य सड़कों से ही निकालने का प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि शॉर्टकट से निकलने वाले भारी वाहनों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें न टूटें। इसके अलावा खनन क्षेत्रों में टूटी हुई सड़कों की जिला मिनरल फंड से मरम्मत भी करवाई जाएगी।