चरखी दादरी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पथ रेहड़ी संचालकों को आर्थिक सहायता देने के मामले में दादरी जिला प्रदेश में अव्वल रहा है। शहरी आजीविका मिशन की वित्त विशेषज्ञ रश्मि शर्मा ने बताया कि जिले में 63 प्रतिशत रेहड़ी संचालकों को अब तक आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में केंद्र सरकार ने ठेला व रेहड़ी लगाने वालों के हितों की रक्षा के लिए स्ट्रीट वेंडर प्रोटेक्शन एक्ट बनाया था। इसी अधिनियम के अंतर्गत पीएम स्वनिधि योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत दस हजार से लेकर पचास हजार रुपये तक का लोन बिना किसी प्रतिभूति के दिया जाता है। इस योजना के तहत अगर रेहड़ी संचालक अपनी किश्तों का सही समय पर भुगतान करता है तो उसको सात प्रतिशत ब्याज की सब्सिडी दी जाती है।
उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान जब लॉकडाउन लगा तो रेहड़ी, दिहाड़ीदार कामगारों की आजीविका बंद हो गई थी। उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत उनका पंजीकरण करवा कर दस हजार रुपये का लोन देना शुरू किया गया था। दादरी शहर में नगरपरिषद ने यहां विभिन्न स्थानों पर खड़े रहने वाले रेहड़ीवालों का पंजीकरण करना शुरू किया। इस दौरान 661 रेहड़ी चालकों व कामगारों का सर्वे किया गया। इनमें से 520 का पंजीकरण हो चुका है। इन रेहड़ी चालकों की 427 लोन एप्लीकेशन स्वीकृत हुई थी और 384 रेहड़ी चालकों को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता आवंटित की जा चुकी है। इस लिहाज से जिले में 63 प्रतिशत आवेदकों का ऋण दिया गया। जबकि अन्य किसी जिले में इतने प्रतिशत ऋण नहीं दिए गए हैं।
रेहड़ी वालों के लिए यहां बनाई जाएंगी मार्केट
रश्मि शर्मा ने बताया कि शहर में नगर परिषद कार्यालय परिसर, परसराम हेतराम स्कूूल, ढाणी रोड रेलवे फाटक, नंदीशाला के समीप और मेजबान चौक पर रेहड़ी संचालकों के लिए मार्केट बनाई जाएगी। वहां पर रेहड़ी संचालकों को बिजली, पानी, शौचालय, शेड आदि सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इसके अलावा रेहड़ी संचालक को नगरपरिषद की ओर से स्मार्ट कार्ड आदि प्रदान किए जाएंगे।