फोटो 25 झोझू कलां खंड के सरपंच तालाबंदी के बाद एसईपीओ सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौपंते हुए।
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चरखी दादरी/बौंद कलां/झोझू कलां। ई-टेंडरिंग के विरोध में जिले के सरंपचों का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को झोझू कलां खंड के सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय पर सांकेतिक तालाबंदी की और एसईपीओ को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। वहीं, बौंद कलां खंड के सरपंचों ने ई-टेंडरिंग की खिलाफत में बैठक की और 20 जनवरी को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी दी।
झोझू कलां ब्लॉक के सरपंचों ने दोपहर करीब 12 बजे बैठक की। बैठक में खंड के 32 सरपंच मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने सांकेतिक तालाबंदी का फैसला लिया। इसके बाद सरपंचों ने एक मिनट के लिए बीडीपीओ कार्यालय को ताला जड़ दिया जो समय पूरा होते ही खोल दिया गया। इसके बाद उन्होंने एसईपीओ सुरेंद्र सिंह को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार से ई-टेंडरिंग को बंद करने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने से पहले सरपंचों ने सरकार और पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के खिलाफ नारेबाजी भी की। करीब एक बजकर पंद्रह मिनट पर सरपंच बीडीपीओ कार्यालय से वापस लौट गए।
वहीं, बौंद कलां खंड के सरपंचों ने सांवड़ सरपंच प्रतिनिधि गौरव चौबारला की अध्यक्षता में सांजरवास के दादी सती मंदिर परिसर में बैठक की। बैठक में विभिन्न गांवों के सरपंचों ने ई-टेंडरिंग के खिलाफ अपने विचार रखे। उन्होंने सरकार से इसे ग्राम पंचायतों पर न थोंपने की मांग की। उन्होंने कहा कि सीधे तौर पर इससे ग्रामीण विकास प्रभावित होगा।
चेतावनी : एसडीएम रैंक का अधिकारी मौजूद होगा तो खोलेंगे ताला
बौंद कलां खंड के सरपंचों ने बैठक में विचार-विमर्श करने के बाद 20 जनवरी को सुबह 10 बजे खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के कार्यालय पर ताला जड़ने का एलान किया। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी कि एसडीएम रैंक का अधिकारी मौके पर ही होगा तो ही बीडीपीओ कार्यालय का ताला खोला जाएगा।