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Charkhi Dadri News: कायाकल्प योजना के तहत रानीला पीएचसी को मिला प्रथम स्थान, दो लाख का मिलेगा बजट

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फोटो 01 रानीला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रा और यहां तैनात स्टाफ। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। जिले की रानीला पीएचसी एनक्वास सर्टिफिकेट (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्कीम पात्रता प्रमाण पत्र) पाने के बाद कायाकल्प योजना में भी प्रथम रही है। इसके अलावा जिले के चार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र योजना के तहत रनरअप रहे हैं। इस उपलब्धि के लिए रानीला पीएचसी को दो लाख और चारों पीएचसी को 50-50 हजार का बजट मिलेगा। यह बजट स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाएं बढ़ाने पर खर्च होगा।
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बता दें कि रानीला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन तीन उप स्वास्थ्य केंद्र भी हैं। पीएचसी और तीनों उप स्वास्थ्य केंद्रों में एक एएनएम के पद को छोड़कर बाकी सभी पर स्टाफ तैनात है। रानीला पीएचसी को करीब दो माह पहले ही एनक्वास सर्टिफिकेट मिला था। वहीं, कायाकल्प योजना के तहत गत सितंबर माह में ही टीम यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची थी। टीम ने यहां सुविधाओं और योजनाओं से जुड़ा रिकॉर्ड जांचा था। टीम के निरीक्षण में यहां तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं और इस प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र को कायाकल्प योजना के तहत प्रथम स्थान मिला है। भागेश्वरी, सांजरवास और फौगाट गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र भी रानीला पीएचसी के अधीन हैं और इनका रिकॉर्ड भी दुरुस्त पाया गया है। रानीला पीएचसी के अधीन आने वाले गांवों की जनसंख्या 22945 है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार छपार, बाढड़ा, बलकरा और हड़ौदी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कायाकल्प योजना के तहत रनरअप रहे हैं। इसके चलते एक साल के लिए इन चारों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50-50 हजार का बजट मिलेगा। इन चारों पीएचसी को 100 में से 70 या इससे अधिक अंक मिले हैं। इस उपलब्धि पर के लिए मिलने वाला बजट जनहित में ही खर्च होगा।
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रानीला में ये स्टाफ हैं तैनात
रानीला पीएचसी और इसके अधीन आने वाले तीनों उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए यहां एमओ, डेंटल सर्जन, पांच स्टाफ नर्स, सात एएनएम, तीन एमपीएचडब्ल्यू वर्कर्स, एक एचआई और एक एलएचवी तैनात है। यहां एक एएनएम की ही कमी है।
जानिये...क्या है कायाकल्प योजना
एनक्वास जहां केंद्र सरकार की योजना है तो वहीं कायाकल्प प्रदेश सरकार की योजना है। इसके तहत दूसरे जिलों से विशेषज्ञों की टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जांच के लिए पहुंचती है। सभी मानकों पर यह टीम जांच कर अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपती है। इस योजना के तहत प्रथम रहने वाले स्वास्थ्य केंद्र को दो लाख जबकि रनरअप स्वास्थ्य केंद्रों को पचास-पचास हजार का पुरस्कार मिलता है।
ये होंगे कायाकल्प सर्टिफिकेट के फायदे
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि कायाकल्प सर्टिफिकेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक साल के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए रानीला पीएचसी को दो लाख का बजट मिलेगा। इससे यहां व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी, जिनका सीधे तौर पर मरीजों को फायदा मिलेगा। यह बजट पानी, शौचालय और मरीजों के बैठने के बेहतर प्रबंध करने पर खर्च होगा।
अधिकारी बोले
कायाकल्प के तहत रानीला पीएचसी को प्रथम स्थान मिला है जबकि चार अन्य पीएचसी रनरअप रही हैं। करीब दो माह पहले ही रानीला पीएचसी को एनक्वास सर्टिफिकेट भी मिला है।
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-डॉ. कृष्ण, सीएमओ, चरखी दादरी
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