चरखी दादरी। रोहतक रोड फाटक पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) का निर्माण अब रेलवे की ओर से कराया जाएगा। सरकार के निर्देशों पर पीडब्ल्यूडी ने प्रोजेक्ट फाइल रेलवे को ट्रांसफर कर दी है जबकि इससे पहले पीडब्ल्यूडी ने रेलवे से तालमेल कर इस प्रोजेक्ट की ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार कराए थे। वहीं, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन कृष्ण सिंह ने अब पुष्टि करते हुए बताया कि प्रोजेक्ट रेलवे की ओर से पूरा कराया जाएगा।
बता दें कि ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए रोहतक फाटक पर बनने वाले आरओबी का रिवाइज प्रपोजल पीडब्ल्यूडी ने गत नवंबर में सरकार के पास भेजा था। करीब आठ माह तक सरकार की ओर इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। हाल ही में सरकार ने यह प्रोजेक्ट रेलवे को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है। पीडब्ल्यूडी की ओर से रिवाइज प्रपोजल करीब 45 करोड़ का भेजा गया था जबकि इससे पहले सरकार को 25 करोड़ का एस्टीमेट भेजा गया था। सरकार 25 करोड़ पहले ही स्वीकृत कर चुकी है, लेकिन प्रोजेक्ट में बदलाव के चलते 45 करोड़ का रिवाइज प्रपोजल तैयार किया गया और इसकी स्वीकृति के लिए फाइल सरकार को भेजी गई थी। सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए यह प्रोजेक्ट रेलवे को हैंडओवर कर दिया है। रोहतक रोड पर आरओबी की मांग करीब दो दशक पुरानी है।
- 24 घंटे में गुजरती हैं 25 से अधिक ट्रेनें
रोहतक फाटक की अगर बात करें तो 24 घंटे में 25 से अधिक बार ट्रेनों की आवाजाही से बंद होती है। एक बार फाटक बंद होने पर वाहन चालकों के करीब 20 मिनट खराब हो जाते हैं। कई दफा तो वाहनों की कतार एक तरफ रेस्ट हाउस मोड़ तो दूसरी ओर चंपापुरी क्षेत्र तक पहुंच जाती है। वाहन चालकों को आने वालीं परेशानियों को देखते हुए ही पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग पर आरओबी बनाने की योजना तैयार की है। सड़क की चौड़ाई बढ़ने और आरओबी बनने से प्रतिदिन हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
- रोहतक रोड की बढ़नी है चौड़ाई भी
पीडब्ल्यूडी अधिकारी के अनुसार करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे रोहतक रोड की इस समय चौड़ाई सात मीटर है। इसकी चौड़ाई बढ़ाकर 15 मीटर की जाएगी। पीडब्ल्यूडी के पास सड़क के दोनों ओर करीब 100 फुट जगह है। विभाग की योजना है कि सड़क के बीच में सुंदरीकरण के लिए डिवाइडर भी बनाया जाए। इसके लिए फाइल सरकार के पाले में है।
- तीसरा आरओबी बनने से वाहन चालकों को होगा फायदा
अब इस प्रोजेक्ट को रेलवे की ओर से पूरा कराया जाएगा। यह शहर का तीसरा ओवरब्रिज होगा। इससे पहले ढाणी फाटक और रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर आरओबी बनाए जा चुके हैं। तीसरा आरोपी बनने से वाहन चालकों को फायदा होगा और उन्हें फाटक बंद के झंझट से बचने के लिए लंबी दूर तय कर शहर नहीं पहुंचना पड़ेगा।
सरकार के निर्देश है कि रोहतक फाटक आरओबी प्रोजेक्ट को रेलवे पूरा करेगा। इसके मद्देनजर हमने प्रोजेक्ट फाइल रेलवे को ट्रांसफर कर दी है। अगली कार्रवाई रेलवे की ओर से ही की जानी है।
-कृष्ण सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी