तिकोना पार्क मेन पंपिग स्टेशन की 36 इंची मुख्य सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते 70 फीसदी शहर की सीवर व्यवस्था ठप हो गई है। लाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सोमवार शाम हुई तो पार्षद और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेई मनोज रोहिल्ला ने बताया कि यह लाइन नगर परिषद के ठेकेदार की लापरवाही से टूटी है। करीब दस दिन पहले यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए बोरिंग की गई थी। उसी से 30 फीट गहराई में दबाई गई सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जेई ने बताया कि मामले की जानकारी एसई को दे दी गई है। उन्होंने नगर परिषद ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। वहीं, लाइन को दुरुस्त कराने के लिए नगर परिषद को भी विभाग पत्र लिखा जाएगा।
जन स्वास्थ्य विभाग के जेई मनोज रोहिल्ला ने बताया कि यह शहर की मुख्य लाइन है। इसके जरिये सत्तर फीसदी शहर का पानी समसपुर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) तक पहुंचता है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान मौके से बोरिंग के दौरान निकाली गई मिट्टी का ढेर भी मिला है। उन्होंने बताया कि मौके के हालात उन्होंने मोबाइल में कैद किए हैं। यह लाइन नगर परिषद के ठेकेदार की लापरवाही से क्षतिग्रस्त हुई है। जेई ने बताया कि लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद सीवर का दूषित पानी बाहर आ गया और इसके चलते मिट्टी कटाव होता रहा है। वीरवार को करीब पांच फीट की दूरी में टाइलें टूटकर नीचे गिर र्गईं और इसके बाद ही मुख्य लाइन लीकेज होने का पता चला। जेई मनोज रोहिल्ला के अलावा वार्ड पार्षद रविंद्र गुप्ता, पार्षद विरेंद्र पप्पू, पार्षद प्रतिनिधि विक्रम श्योराण व कृष्ण कुमार आदि भी मौके पर पहुंचे।
यहां पड़ेगा क्षतिग्रस्त लाइन से असर
जेई मनोज रोहिल्ला ने बताया कि शहर के मुख्य बाजार में डाली गई सीवर लाइनें इस 36 इंची लाइन से जुड़ी हैं। इसके अलावा बधवाना गेट क्षेत्र, चरखी गेट क्षेत्र, रविदास बस्ती, बस स्टैंड रोड, घिकाड़ा रोड, एमसी कॉलोनी, पुराना दिल्ली रोड, काठमंडी क्षेत्र, झज्जर घाटी, पुराना झज्जर रोड, लाधान पाना व हरिनगर कॉलोनी आदि का दूषित पानी भी इसी लाइन के जरिये एसटीपी तक पहुंचता है।
दो जगह की थी बोरिंग, एक जगह लाइन हुई क्षतिग्रस्त
जेई मनोज रोहिल्ला ने बताया कि नगर परिषद के ठेकेदार ने तिकोना पार्क क्षेत्र में सड़क किनारे दो जगह बोरिंग की। करीब 20 मीटर की दूरी में दोनों बोरिंग की गई और एक जगह सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जेई ने बताया कि वार्ड पार्षद रविंद्र गुप्ता का कहना है कि उन्होंने सीवर लाइन होने की बात कहते हुए यहां बोरिंग करने से मना किया था। इसके बाद भी ठेकेदार ने यहां बोरिंग की, जिसके कारण सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई मनोज रोहिल्ला ने कहा कि मैंने एसई साहब को मौके के हालात की जानकारी दे दी है। मंगलवार को ठेकेदार के खिलाफ हम मुकदमा दर्ज करवाएंगे और लाइन दुरुस्त कराने के लिए नगर परिषद को भी पत्र लिखेंगे। लाइन क्षतिग्रस्त होने से 70 फीसदी शहर की सीवर व्यवस्था ठप हो गई है। यह 36 इंची मुख्य लाइन है, जो शहर का दूषित पानी एसटीपी तक पहुंचाती है।