चरखी दादरी। करीब 10 करोड़ की लागत से बने मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) भवन में तीन लाख की सीबीसी मशीन नहीं है। इसके चलते विभिन्न प्रकार के सैंपलों की जांच एमसीएच में नहीं हो पा रही है और मरीजों को दो दिन तक रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यहां लिए गए सैंपल जांच के लिए सिविल अस्पताल लैब भेजे जा रहे हैं।
सीबीसी मशीन नहीं होने से उपचार के लिए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मशीन के अभाव में मरीजों के खून की पूरी रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने से उपचार में भी देरी हो रही है। एमसीएच में उपचार करवाने आई महिला दीपिका, रजनी, सरोज, कांता आदि का कहना है कि समय रहते उपचार शुरू नहीं करने से बीमारी के बढ़ने की संभावना रहती है। उन्होंने एमसीएच प्रशासन से सीबीसी मशीन उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
बता दें कि शहर के बीचोंबीच मातृ-शिशु अस्पताल बनाया गया है ताकि शहर के लोगों को इससे आगे करीब 3 किलोमीटर की दूरी तय कर सिविल अस्पताल न जाना पड़े। करीब डेढ़ साल पहले ही 10 करोड़ की लागत से एमसीएच का नया भवन बनाया गया है। यहां की दैनिक ओपीडी करीब 200 है जबकि संसाधनों का अभाव है और इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
- बुखार और खांसी की बढ़ी है ओपीडी
एमसीएच में प्रतिदिन 150 मरीज बुखार व खांसी के पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां सीबीसी मशीन न होने के कारण उनके विभिन्न प्रकार के सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही है। वहीं, सैंपल रिपोर्ट से ही पता चलता है कि मरीज को कौनसा बुखार आया है। एमसीएच में मरीज के खून का सैंपल लेने के बाद उसे रिपोर्ट के लिए दो दिन का समय दिया जाता है, ताकि रिपोर्ट आने के बाद मरीज का उपचार शुरू किया जा सके।
- डेंगू के बढ़ रहे मरीज
इन दिनों जिले में डेंगू मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले की विभिन्न पीएचसी और सीएचसी से लिए सैंपलों में 540 से अधिक डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इसके चलते चिकित्सक बुखार आने पर मरीजों को सीबीसी टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं ताकि मरीज का सही उपचार किया जा सके।
- सिविल अस्पताल की लैब का बढ़ा वर्कलोड
एमसीएच में उपचाराधीन मरीजों ने बताया कि खून के सैंपल लेने के बाद इसे सीबीसी टेस्ट के लिए नागरिक अस्पताल में भेजा जाता है। जहां पहले से अधिक मरीजों के सैंपल होने के कारण रिपोर्ट मिलने में दो दिन का समय लग जाता है। ऐसे में अगर एमसीएच में सीबीसी मशीन उपलब्ध हो जाए तो मरीजों को रिपोर्ट के लिए दो दिन का इंतजार नही करना पड़ेगा। दूसरी ओर एमसीएच के सैंपल जाने से सिविल अस्पताल की लैब का भी वर्कलोड बढ़ा हुआ है।
मरीज बोलीं: विभाग मशीन मुहैया करवाए तो नहीं होगी परेशानी
- मातृ-शिशु अस्पताल में स्टाफ की नियुक्ति करने के साथ सरकार को संसाधनों की कमी को दूर करने की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। अब सैंपल रिपोर्ट में मिलने दो दिन तक का समय लग रहा है जिससे मरीज को काफी परेशानी होती है।
-भगवती, महिला मरीज
-मातृ-शिशु अस्पताल में ओपीडी देखने और मरीजों को भर्ती करने की सुविधा है जबकि भवन भी काफी अच्छा बना है। अगर विभाग और सरकार मिलकर यहां संसाधनों की कमी दूर कर दे तो इसका लाभ सीधे तौर पर मरीजों को ही मिलेगा।
-शुकमंती, महिला मरीज
वर्जन:
सीबीसी मशीन के लिए हमने डिमांड भेजी हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सैंपल जांच सिविल अस्पताल में करवाई जा रही है। जल्द ही सीबीसी मशीन उपलब्ध होने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद इसे इंस्टॉल कर टेस्ट शुरू कर दिए जाएंगे।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, डिप्टी सीएमओ