शहर को कैटल फ्री बनाने की कवायद नगर परिषद ने नए सिरे से शुरू कर दी है। बुधवार रात से शहर में गोवंश पकड़ो अभियान शुरू किया गया है। नप टीमों ने पहली रात को 40 गोवंश को पकड़कर नंदीशाला में भेजा है। दूसरी ओर नप अधिकारियों ने नंदीशाला की अव्यवस्थाओं को दूर करने के आदेश भी दे दिए हैं, ताकि गोवंश को नंदीशाला भेजने के बाद दिक्कत न हो।
शहर को कैटल फ्री बनाने की मुहिम तीन साल पहले तत्कालीन डीसी विजय सिद्प्पा ने शुरू की थी। उन्होंने जिले में तीन नंदीशाला शुरू करवाई थीं। एक नंदीशाला शहर में, जबकि दो कलियाणा और अटेला गांव में बनाई गई थी। तत्कालीन डीसी के रुचि लेने के चलते जिले से करीब 90 प्रतिशत लावारिस गोवंश को पकड़कर नंदीशालाओं में रखे गए थे। उनके ट्रांसफर के बाद गोवंश पकड़ो अभियान ठंडे बस्ते में चला गया। बाद में भूख से मरते गोवंश को देखते हुए ग्रामीणों ने अटेला और कलियाणा नंदीशाला को खाली कर दिया था।
करीब दो साल के इंतजार के बाद नगर परिषद ने शहर में नए सिरे से गोवंश पकड़ो अभियान शुरू किया है। नगर परिषद सचिव प्रशांत पराशर ने बताया कि अभियान केवल रात के समय ही चलाया जाएगा। उनका कहना है कि शहर के कैटल फ्री बनने तक अभियान जारी रहेगा। सड़कों और कॉलोनियों से गोवंश को पकड़ने के लिए पांच टीमें गठित कर दी गई हैं। ये टीमें रात को अभियान चलाकर गोवंश पकड़ेंगी। सचिव ने बताया कि दिन के समय गोवंश पकड़ने से हादसों का अंदेशा है और इसके चलते रात के समय ही गोवंश पकड़ो अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस समय शहर में लावारिस गोवंशों की संख्या 700 से पार है।
- बुधवार रात यहां से पकड़े गोवंश
सचिव प्रशांत पराशर ने बताया कि बुधवार रात शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से 40 लावारिस गोवंश पकड़े गए हैं। इन सभी को अग्रसेन धर्मशाला के सामने बनी नंदीशाला में छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड रोड से सात, रोहतक रोड से आठ, कोर्ट रोड से तीन, पुराना दिल्ली रोड से चार, पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र से नौ, लोहारु रोड से चार और सरदार झाडू सिंह चौक रोड से पांच गोवंश पकड़े गए।
- खाली होने के गार पर पहुंच गई थी नंदीशाला
अग्रसेन धर्मशाला के सामने बर्नाई नंदीशाला के रख-रखाव की जिम्मेदारी नगर परिषद की तय की गई थी। शुरूआत में नंदीशाला में करीब 250 गोवंश छोड़े गए थे, लेकिन पिछले करीब एक साल से नंदीशाला में 40 से 50 गोवंश ही बचे हैं। नंदीशाला खाली होने के गार पर पहुंच गई है। इसके चलते सड़कों पर गोवंश की भरमार है। अब नप ने लोगों को गोवंश की समस्या से निजात दिलाने के लिए फिर से अभियान शुरू किया गया है।