भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर पिपली में होने वाली किसान बचाओ-आढ़ती बचाओ रैली में जाने से रोकने के लिए जिला पुलिस ने वीरवार को किसान नेताओं और आढ़तियों को नजरबंद रखा। जिले से करीब 300 आढ़तियों और किसानों के रैली में जाने का अनुमान था, लेकिन पुलिस के घरों के बाहर डेरा डालने के चलते कोई भी रैली में कूच नहीं कर सका। भाकियू पदाधिकारियों ने लघु सचिवालय में पहुंचकर प्रशासन की नजरबंदी और पाबंदी से खफा होकर धरना दिया, जबकि आढ़तियों ने सुबह ही मंडी के गेट को ताला जड़ दिया।
तीन अध्यादेशों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने 10 सितंबर को पिपली में आढ़तियों और किसानों की रैली आयोजित करने की घोषणा की थी। कोविड-19 के मद्देनजर कुरुक्षेत्र जिला प्रशासन ने रैली की अनुमति नहीं दी थी। इसके अलावा कोविड नोडल अधिकारी की तरफ से सभी जिला उपायुक्तों को भी इस संबंध में आदेश दिए थे। इसके तहत ही दादरी लघु सचिवालय में भी पिपली रैली में भाग लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का नोटिस चस्पा किया गया।
दादरी मंडी के आढ़तियों ने बुधवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल रखने और वीरवार को पिपली रैली में कूच करने की घोषणा की थी। इसके तहत वीरवार सुबह आढ़ती नई अनाज मंडी में एकत्रित हुए और गेट को ताला जड़ दिया। अनाज मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया व सचिव विनोद गर्ग ने बताया कि बुधवार रात से ही पुलिस टीमें आढ़तियों के घरों के बाहर डेरा डाले हुए है। उन्हें कहीं जाने भी नहीं दिया गया। विनोद गर्ग ने बताया कि आढ़तियों की हड़ताल पूर्णतया सफल रही और अनाजमंडी की वीरवार को दुकानें बंद रहीं।
भाकियू के जिला अध्यक्ष जगबीर घसोला ने बताया कि बुधवार रात से ही पुलिस एमसी कॉलोनी स्थित उनके आवास के बाहर तैनात रही। उन्हें घर से बाहर भी नहीं आने दिया गया। इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कोर्ट परिसर के मेन गेट के समीप धरना दिया। वीरवार को पिपली रैली में कूच कर रहे आढ़तियों और किसान नेताओं पर कुछ जिलों में लाठीचार्ज भी हुआ लेकिन दादरी जिले में ऐसी नौबत नहीं आई। हालांकि जिले से पिपली रैली में भाग लेने कोई भी नहीं गया।
अनाज मंडी में है 190 आढ़ती
नई अनाज मंडी में करीब 190 आढ़ती हैं। सभी आढ़तियों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर हड़ताल को सफल बनाया। इससे पहले गत 10 अगस्त को तीन अध्यादेशों के विरोध में आढ़तियों ने मंडी में हड़ताल रखकर विरोध जताया था। हड़ताल के चलते वीरवार को मंडी सुनसान रही।
भाकियू के 50 सदस्यों को जाना था पिपली
भाकियू जिला प्रधान जगबीर घसोला ने बताया कि सत्ता के नशे में चूर सरकार ने किसानों और आढ़तियों की आवाज को दबाने का काम किया है। उन्होंने बताया कि जिले से करीब 50 पदाधिकारी और सदस्य पिपली जाने थे, लेकिन प्रशासन ने सबके घरों के बाहर डेरा डालकर नजरबंद कर दिया।
तीन अध्यादेशों के विरोध में मंडी के आढ़तियों ने वीरवार को हड़ताल रखी। आढ़तियों के घरों के बाहर बुधवार रात ही पुलिस तैनात कर दी गई थी। आढ़तियों और किसान नेताओं के घरों से बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगाई गई जो गलत है।
रामकुमार रिटोलिया, नई अनाज मंडी प्रधान