फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: लापरवाही ले डूबेगी...मानसून से पहले नालों की सफाई तेज, रोजाना निकल रहा 10 क्विंटल प्लास्टिक-पॉलिथीन

Tue, 02 Jun 2026 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
शहर के नाले की सफाई करता एजेंसी का कर्मचारी। संवाद 
विज्ञापन
चरखी दादरी। मानसून की दस्तक से पहले शहर में नालों की सफाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे सफाई अभियान के दाैरान नालों से प्रतिदिन करीब 10 क्विंटल सिंगल-यूज प्लास्टिक, ब की थैलियां और खाली बोतलें निकल रही हैं जो जलभराव की समस्या का प्रमुख कारण बनती हैं।
विज्ञापन

नगर परिषद द्वारा शहर के करीब 19 किलोमीटर लंबे छोटे-बड़े नालों की सफाई करवाई जा रही है। मुख्य बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों के नालों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा जमा पाया गया है। अधिकारियों के अनुसार कुल गंदगी का बड़ा हिस्सा सिंगल-यूज प्लास्टिक है जो पानी के प्राकृतिक बहाव को बाधित कर देता है।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि नालों से प्लास्टिक निकालना सबसे कठिन कार्य है क्योंकि यह न तो आसानी से गलता है और न ही मशीनों से जल्दी हटता है। कई स्थानों पर प्लास्टिक की मोटी परतें जमा मिली हैं जिससे पानी की निकासी लगभग बंद हो चुकी थी।
विज्ञापन

नालों की सफाई पर खर्च होंगे 25 लाख रुपये
नगर परिषद ने नालों की सफाई के लिए 25 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है। अभियान के तहत पोकलेन और जेसीबी जैसी बड़ी मशीनों से गाद और कचरा निकाला जा रहा है जबकि संकरी गलियों और छोटे नालों में सफाई कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। संबंधित एजेंसी को 15 जून तक सभी नालों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते प्लास्टिक कचरा नहीं हटाया गया तो मानसून में शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे दूषित पानी घरों तक पहुंचने और डेंगू, मलेरिया व डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। नगर परिषद ने सफाई कार्य की निगरानी के लिए विशेष टीम का गठन किया है, जो नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप रही है।
नालों में न डालें कचरा, नागरिक करें सहयोग
कनिष्ठ अभियंता सौहार्द शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन और अन्य कचरा नालों में न डालें। उन्होंने कहा कि प्रशासन के प्रयास तभी सफल होंगे जब लोग भी जिम्मेदारी निभाएंगे। शहरवासियों से कूड़ा केवल डस्टबिन या कचरा संग्रहण वाहनों में डालने की अपील की गई है ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्याओं से बचा जा सके।




एजेंसी की ओर से नालों की सफाई शुरू कर दी गई है। निगरानी के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। कर्मचारी सफाई के बाद मौके पर पहुंच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप रहे हैं। मानसून से पहले शहर के सभी नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। - बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, चरखी दादरी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें