चरखी दादरी। बिजली निगम अब गांव नांधा स्थित 33 केवीए पावर सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाएगा। इस सब स्टेशन में इस समय 4 व 10 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। चार एमवीए पावर ट्रांसफार्मर की जगह 10 का लगाने की योजना बनाई गई है। इस समय पावर सब स्टेशन पर ओवरलोड बना हुआ है, जिससे पावर ट्रांसफार्मर के जलने का अंदेशा बना रहता है। पावर कट व फॉल्ट ज्यादा आने से उपभोक्ताओं को निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप बिजली नहीं मिल पाती है। इस क्षेत्र में बिजली नलकूपों की संख्या ज्यादा है।
बिजली व्यवस्था में हो रहा सुधार
बिजली निगम जिला में बिजली आपूर्ति में सुधार की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसके तहत नए पावर सब स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं और पुरानों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। गांव गोठड़ा व रानीला में 33 केवीए क्षमता का पावर सब स्टेशन बन रहा है। इनसे 10 नए फीडर और चालू हो जाएंगे। मार्च 2026 में ये पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हो जाएंगे। गांव मकड़ाना व मकड़ानी स्थित 33 केवीए पावर सब स्टेशनों का लोड कम हो जाएगा। इससे करीब 45 गांवों में बिजली की कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी और आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। आठ से 10 माह में तैयार होता है नया पावर सब स्टेशनबिजली आपूर्ति में सुधार के लिए बिजली निगम की ओर से हर वर्ष कार्य योजना तैयार होती है। इस कार्य योजना को पूरा होने में दो साल तक का समय लग रहा है। एक से डेढ़ साल तो प्रोजेक्ट की कागज प्रक्रिया में ही बीत जाता है। एक नए पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा करने में भी आठ से 10 माह का समय बीत जाता है। जिला के गांव मोरवाला, पिचौपा कलां, मांढ़ी, काकड़ोली सरदारा, डोहका दीना में पावर स्टेशनों की क्षमता बढ़ी है।
कागजी प्रक्रिया शुरू
अब निगम गांव नांधा स्थित पावर सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने जा रहा है। इस सब स्टेशन में इस समय 4 व 10 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। चार एमवीए पावर ट्रांसफार्मर की जगह 10 का लगाने की योजना है। दोनों 10 एमवीए क्षमता के होने के बाद लोड की समस्या दूर हो जाएगी। इसके लिए कागज प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्षमता बढ़ाने में कम से कम एक साल का समय लग सकता है।
महज 14 घंटे मिल रही बिजली
गांव नांधा पावर सब स्टेशन के अधीन बिजली चालित नलकूप ज्यादा संख्या में हैं, जिसके कारण लोड ज्यादा बना रहता है। इस वजह से लाइनें बार-बार ब्रेक डाउन कर रही है। एक बार लाइन ब्रेक डाउन करने पर दिनभर बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। बिजली कर्मचारियों को खासकर रात के समय पेट्रोलिंग करते समय खेतों से गुजर रही लाइनों के कारण ज्यादा कठिनाई होती है। क्षमता बढ़ने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। बिजली आपूर्ति का शेड्यूल भी नहीं चरमराएगा। इस समय गांवों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, जबकि फॉल्ट ज्यादा आने की वजह से मुश्किल से 14 घंटे ही बिजली मिल पाती है।
नांधा के पावर सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे सब स्टेशन का लोड कम हो जाएगा। बिजली फॉल्ट कम हो जाएंगे। अन्य पावर सब स्टेशनों का लोड भी कम हो जाएगा। बिजली आपूर्ति में व्यापक सुधार आएगा। कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। बिजली ट्यूबवेल को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी।- एसडीओ राम सिंह, बिजली निगम।