जावा के जलघर में पहुंचा पानी दिखाते ग्रामीण।
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झोझूकलां। बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र के गांव झोझूकलां और जावा में करीब एक दशक बाद ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। दोनों गांवों में लंबे इंतजार के बाद नहरी पानी पहुंचना शुरू हो गया है। विभाग की ओर से जलघर के टैंकों को भरने की कवायद शुरू कर दी है। जलघरों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
दरअसल दोनों गांवों में पेयजल की समस्या काफी पुरानी है। करीब एक दशक से इन गांवों के जलघर में बने वाटर टैंक तक नहरी पानी ही नहीं पहुंच रहा था, जिसके चलते लोग पानी खरीदकर को पीने को विवश थे। नहर से जलघर तक बिछाई गई लाइन जर्जर होने से हर नहरी टर्न पर टैंक सूखे रहते थे। ग्रामीणों ने इस संबंध में विधायक नैना चौटाला से समाधान की मांग की थी।
कुछ समय पहले ही विधायक के निर्देशों पर जनस्वास्थ्य विभाग ने इन गांवों को पाइप लाइन के जरिये सतनाली फीडर से जोड़ने की योजना की थी। इस योजना को विभाग अमलीजामा पहना चुका है और दोनों गांवों के जलघर तक नहरी पानी पहुंचना भी शुरू हो गया है। अगले दो-तीन दिन में जलघर के टैंक भरने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों को तर्क है कि जल्द गांवों में आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
बीस हजार की आबादी को मिलेगी राहत
नरेश द्वारका और राजेश सांगवान ने बताया कि अब जावा और झोझूकलां की पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा। दोनों गांवों के जलघर में नहरी पानी पहुंचना शुरू हो गया है और आपूर्ति चालू होने के बाद करीब बीस हजार की आबादी को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लोग नहरी पानी की समस्या का दंश झेल रहे थे और अब निजात मिली है।
गांव के अंदर भी बिछाई जाएंगी पाइप लाइन: विधायक
विधायक नैना सिंह चौटाला ने कहा कि रेतीला क्षेत्र होने के कारण बाढड़ा हलके में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति मुख्य समस्या है। जिससे महिलाएं ज्यादा परेशान हैं। जावा और झोझू कलां के अंदर भी नई पाइप लाइन डाली जाएंगी। हलके के अन्य गांवों की पेयजल किल्लत दूर करने के प्रयास भी जारी हैं।