संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में सर्दी के मौसम के दौरान पेयजल संकट से राहत की उम्मीद जगी है। सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़े जाने की समयसारिणी में बदलाव किया है। अब हर 16 दिन में पानी छोड़ा जाएगा। पहले 24 दिन के चक्र में सिर्फ 16 दिन ही पानी दिया जाता था।
इस बदलाव से जिले के जलघरों में पानी की उपलब्धता में सुधार होगा और शहर व गांवों में पानी की आपूर्ति सुधरेगी। जिले में करीब 75 नहरें, जिनमें माइनर, सबमाइनर, डिस्ट्रीब्यूटरी शामिल हैं। ये जलघरों की मुख्य जल आपूर्ति की स्रोत हैं। अधिकतर जलघर नहरों के पानी से ही भरे जाते हैं।
बारिश के मौसम में नहरों में मानसूनी पानी छोड़ा जाता था लेकिन अब जब मानसून समाप्त हो चुका है और यमुना समेत अन्य नदियों में पर्याप्त जल भंडार उपलब्ध है, तो विभाग ने नियमित जल आपूर्ति के लिए यह निर्णय लिया है।
500 क्यूसेक पानी मेन खुबड़ू हेड से छोड़ा जा रहा है। इससे जिले की बड़ी नहरों जैसे लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा, बरसाना और कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी के माध्यम से जलघरों में पानी पहुंच रहा है। हालांकि, कुछ नहरें टेल तक पानी नहीं पहुंचा पातीं, जिससे अंतिम छोर के गांवों को अब भी कठिनाई झेलनी पड़ती है।
शहर क्षेत्र में पेयजल की स्थिति अक्सर गंभीर बनी रहती है। लोगों को महंगे दामों पर आरओ पानी खरीदना पड़ता है। सरकारी आपूर्ति का पानी पीने लायक नहीं होने की वजह से अधिकांश घरों में घरेलू आरओ सिस्टम लगे हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में लोग ट्यूबवेल, हैंडपंप जैसे विकल्पों से काम चला लेते हैं।