संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। खाद वितरण में कुप्रबंधन और दुर्व्यवस्था से जिले के किसान परेशान हैं। मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज जमीन के विवरण के आधार पर खाद वितरण शुरू करने के बाद किसानों के सामने और भी कई समस्याएं उभर कर आई हैं।
सोमवार को नगर स्थित पुरानी अनाज मंडी की जमींदारा सोसायटी खाद वितरण केंद्र में डीएपी खाद का वितरण किया गया लेकिन यहां कई अड़चनें देखने को मिलीं। खाद वितरण से पहले किसानों को वरिष्ठता के आधार पर नंबर दिए गए।
वितरण शुरू होते ही महिला व पुरुष पुलिस जवान भी केंद्र पर पहुंच गए और उन्होंने वरिष्ठता सूची संभालते हुए नाम पुकारकर खाद वितरण कराना शुरू किया। बावजूद इसके शाम पांच बजे तक मुश्किल से मात्र 100 किसानों को ही खाद मिल सकी जबकि करीब 470 किसानों को वरिष्ठता नंबर दिए गए थे। बचे हुए किसानों को वंचित रहना पड़ा। उन्हें पुनः अगले दिन दोबारा आकर नंबर लेने के लिए कहा गया।
खाद वितरण प्रक्रिया में किसानों को तकनीकी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। जब किसान का नंबर आता है तो उन्हें मशीन में अंगूठा लगाना होता है। फसल पोर्टल पर दर्ज जमीन की प्रति और आधार कार्ड जमा कराना अनिवार्य है। यदि अंगूठे का निशान सिस्टम से मेल नहीं खाता है तो मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है। परंतु कई किसानों के पास मौके पर मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं होता, जिससे वे परेशान हो जाते हैं। इस वजह से एक किसान को खाद प्राप्त करने में 10 से 15 मिनट तक लग जाते हैं, जिससे लंबी कतार लग जाती है।
टोकन कटवाने आए किसानों ने बताया कि वितरण में समस्या यह है कि टोकन यहां पुरानी अनाजमंडी में काटे जा रहे और लेने नई अनाज मंडी जाना पड़ रहा है। किसान रमेश, सुरेश, रामफल ने कहा कि यह व्यवस्था परेशान करने वाली है।