झोझूकलां के महिला महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार में शामिल छात्राएं। स्रोत:विज्ञप्ति
झोझूकलां। झोझूकलां स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में नशामुक्त भारत अभियान के तहत सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्रधान अधिवक्ता सुरेंद्रपाल सिंह रहे।
सुरेंंद्रपाल ने नशा के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। प्रिंसिपल डॉ. मंजू सांगवान ने बताया कि सुखी व स्वस्थ जीवन जीने के लिए नशे से दूर रहकर देश के विकास में सहयोग करना चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शर्मिला ने अपने व्याख्यान में बताया कि युवा पीढ़ी बिना सोचे- समझे नशे की तरफ जा रही है। एनएसएस समाज सेवा से जुड़ा मंच है इसलिए स्वयंसेवियों का उत्तरदायित्व है कि अपने आसपास के क्षेत्र में जो लोग नशा करते हैं उनको सही रास्ते पर लाने का कार्य करें। डॉ. पूनम ने कहा कि नशे का शिक्षा व रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह युवा पीढ़ी के आत्मसम्मान को प्रभावित करता है।