चरखी दादरी। शहर के सरदार झाड़ू सिंह चौक के समीप स्थित राजकीय मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच यूनिट) गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। एमसीएच यूनिट में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध होने के कारण अब महिलाओं को आपातकालीन स्थिति में दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। वीरवार को भी यहां एक महिला ने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए जुड़वां बच्चों को जन्म दिया जिससे परिवार में खुशी का माहौल है।
गांव चिड़िया निवासी महिला ने जुड़वां बच्चों को दिया जन्म
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव चिड़िया निवासी एक महिला की एमसीएच यूनिट में वीरवार को सिजेरियन डिलीवरी करवाई गई। महिला ने एक बेटा व एक बेटी को जन्म दिया। खास बात यह है कि दोनों नवजात शिशु व उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ हैं।
आपात स्थिति में रेफरल से मिली मुक्ति
एक समय था जब जिले में जटिल प्रसव के मामलों को रोहतक पीजीआई या अन्य बड़े केंद्रों पर रेफर करना पड़ता था। रास्ते में समय अधिक लगने के कारण गर्भवती महिला और शिशु की जान का जोखिम बना रहता था। लेकिन एमसीएच यूनिट के सुचारू संचालन से अब स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में ऑपरेशन किए जा रहे हैं। वीरवार को हुए सफल सिजेरियन प्रसव के बाद यूनिट की दक्षता पर जनता का भरोसा और बढ़ा है।
बता दें कि दादरी के सरदार झाड़ू सिंह चौक के समीप स्थित राजकीय एमसीएच यूनिट में पिछले वर्ष मदर-न्यूबार्न केयर यूनिट की स्थापना की गई थी। इसके बाद से यहां विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा हो रहा है। इस यूनिट में अभी तक 187 सिजेरियन डिलीवरी की जा चुकी हैं। इनमें से 52 सिजेरियन डिलीवरी डॉ. किरण ने सफलतापूर्वक करवाई हैं।
वर्सन :
स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। एमसीएच यूनिट में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं और विशेषज्ञ देखभाल सुनिश्चित कर रहे हैं। यहां अनुभवी गायनोकोलॉजिस्ट और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की टीम तैनात है। 187 सफल सिजेरियन ऑपरेशन इस बात का प्रमाण हैं कि हमारी टीम पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि किसी भी गर्भवती महिला को केवल ऑपरेशन की सुविधा न होने के कारण यहां से रेफर न किया जाए।
डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सिविल सर्जन, दादरी।