चरखी दादरी। शहर में लगातार बढ़ती सर्दी और कोहरे के कारण बाजारों में कारोबार प्रभावित हो रहा है। सर्दी के मौसम में बढ़ती बीमारियों से बचने के लिए लोग घरों से बाहर निकलने में परहेज कर हैं।
व्यापारियों का कहना है कि इस मौसम में बिकने वाले गर्म परिधानों की खरीदारी पर असर देखने के लिए मिल रहा है। पहले जहां इन दिनों रेडिमेड गारमेंट्स की दुकानों पर भारी भीड़ लगी रहती थी, लेकिन इस सर्दी में काफी कम संख्या में ग्राहक आ रहे हैं। इससे कारोबार में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की जा रही है।
लगातार मौसम में हो रहे बदलाव के कारण मंगलवार को जहां अधिकतम 20 और न्यूनतम सात डिग्री तापमान के साथ छाई गहरी धुंध से दृश्यता काफी कम बनी रही। इस कारण शहर के बाजारों में चहल पहल काफी कम देखी गई।
सर्दी के बचने के लिए अधिकतर लोग खरीदारी करने की अपेक्षा बचाव के लिए घरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं। इसका असर दुकानदारों के कारोबार पर देखने के लिए मिल रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि सर्दी के मौसम को देखते हुए गर्म कपड़ों की खेप मंगाई गई है लेकिन अचानक सर्दी बढ़ने और कोहरा छाने के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि गारमेंट्स के कारोबार में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। बिजली के सामान की खरीद भी प्रभावित हो रही है।
शहर में होता है करीब एक करोड़ रुपये का रेडिमेड गारमेंट्स कारोबार
दादरी शहर के बाजारों में करीब 100 दुकानें रेडिमेड गारमेंट्स की हैं। सर्दी के सीजन में गर्म कपड़ों की अधिक मांग को देखते हुए दुकानदारों ने अतिरिक्त स्टॉक किया था लेकिन सर्दी बढ़ने के साथ ही जहां दुकानदार कारोबार बढ़ने की उम्मीद लगा रहे थे, लेकिन धुंध के कारण कारोबार कम हो रहा है। रेडिमेड गारमेंट्स कारोबारियों का कहना हैं कि शहर में एक सीजन का कारोबार लगभग एक करोड़ रुपये तक हो जाता है लेकिन सर्दी बढ़ने के बावजूद 50 प्रतिशत कारोबार भी नहीं हो पाया है।
क्या कहते हैं दुकानदार ...
मौसम में अधिक सर्दी के कारण अधिक बिक्री होने की संभावना को देखते हुए गुजरात, पंजाब और दिल्ली सहित दूसरे प्रदेशों से गर्म कपड़ों का पूरा स्टॉक मंगवाया गया है लेकिन बाजार में ग्राहकों के न आने से दुकानदार खाली बैठने के लिए मजबूर हो रहे हैं। फिलहाल बाजार के हालात ऐसे बने हैं कि कारोबारियों को इस बार भारी नुकसान होने की आशंका है। - गौरव ग्रोवर, रेडिमेड गारमेंट्स विक्रेता, चरखी दादरी।
बिजली के उपकरण खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ रहती थी लेकिन लोग ठंड बढ़ने के कारण घरों में ही दुबके रहते हैं। दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहते हैं। बिजली से संबंधित कारोबार सिमट कर आधा रह गया है। यह सीजन बिजली का सामान बेचने वाले दुकानदारों के लिए घाटे का सौदा होने वाला है। - बजरंग लाल, स्थानीय दुकानदार।