चरखी दादरी। प्रदेश में वर्षभर के अंदर सबसे अधिक रक्तदान करने वाले जिले में ब्लड बैंक खोलने के लिए सरकार ने लंबे इंतजार के बाद बजट की स्वीकृति दे दी है। अगले सप्ताह तक 19.33 लाख का बजट स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचने की उम्मीद है। इसके तुरंत बाद ब्लड बैंक का ढांचा तैयार करने के लिए बजट पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ब्लड बैंक के लिए मशीनें करीब छह माह पहले पहुंच चुकी है। 500 यूनिट भंडारण क्षमता का ब्लड बैंक खुलने से जिले की करीब साढ़े पांच लाख की आबादी को लाभ मिलेगा।
जिले रक्त के मामले में अभी पूर्णतया भिवानी पर निर्भर है। सिविल अस्पताल में भिवानी से ही रक्त की पूर्ति की जा रही है। इसके लिए हर दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गाड़ी लेकर जाती है। इस झंझट को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक खोलने की योजना तैयार की थी। दो साल पहले इस संबंध में फाइल मुख्यालय भेजी गई थी। इसके बाद यह प्रोजेक्ट कोरोना के फेर में उलझकर रह गया। जनवरी में ब्लड बैंक के लिए मशीनें सिविल अस्पताल पहुंची थीं। ये मशीनें तब से पुराने भवन की गैलरी में रखी हैं। करीब छह माह की समयावधि के बाद सरकार ने ब्लड बैंक का ढांचा तैयार करने के लिए बजट एस्टीमेट को मंजूरी दी है।
पुराने भवन के दो कमरों में बनना है ब्लड बैंक
ब्लड बैंक के लिए जगह का चयन पहले ही हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान पुराने भवन के दो कमरों को ब्लड बैंक के लिए उपयुक्त माना था। इसके बाद इस जगह का प्रपोजल और एस्टीमेट सरकार को भेजा गया था। इन्हें मंजूरी मिल चुकी है और अब स्वास्थ्य विभाग को ब्लड बैंक स्थापित करवाने के लिए खाते में बजट आने का इंतजार है।
अब 30 यूनिट है भंडारण क्षमता, डीप फ्रिजर से चल रहा काम
इस समय अस्पताल के पुराने भवन में ब्लड यूनिट ही है, जिसकी क्षमता अधिकतम 30 यूनिट की है। कई दफा ब्लड खत्म होने की स्थिति में मरीज के तीमारदारों को खुद ब्लड बैंक जाकर खून लाना पड़ता है। ब्लड बैंक बनने के बाद मरीजों के लिए जिलावासियों को सिविल अस्पताल में ही रक्त मिल जाएगा और उन्होंने दूसरों जिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
हर साल आठ से दस हजार यूनिट होता है जिले में रक्तदान
हर साल जिले में डेढ़ सौ से अधिक रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर युवा ही रक्तदान करते हैं। एक साल में जिला औसतन आठ से हजार यूनिट रक्तदान करता है। सोनीपत, भिवानी, महेंद्रगढ़, रोहतक, गुरुग्राम, नई दिल्ली, रेवाड़ी आदि जिलों की ब्लड बैंक टीमें दादरी में आकर रक्तदान करती हैं। रक्तदान शिविर लगाने के मामले में जिला प्रदेश में अव्वल है।
नवंबर 2018 में भेजा गया था प्रपोजल
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार दादरी सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक खोलने का प्रपोजल 10 नवंबर 2018 को स्वास्थ्य विभाग ने सरकार को भेजा था, जो 500 यूनिट क्षमता का था। इसके करीब दो सप्ताह बाद सरकार ने इस प्रपोजल को स्वीकृत कर दिया था।
ब्लड बैंक खोलने के लिए सरकार ने बजट स्वीकृत कर दिया है। अगले सप्ताह तक बजट आने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद हम पीडब्ल्यूडी को बजट ट्रांसफर कर देंगे।
डॉक्टर संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ