चरखी दादरी। जिले में आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार करने वाले अस्पतालों में रिकॉर्ड व अन्य खामियां मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। विभाग ने दो अस्पतालों को योजना से डी-पैनल किया है और एक अस्पताल पर 3.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. आशीष मान ने बताया कि पैनल से बाहर किए गए अस्पतालों की राज्य धोखाधड़ी-रोधी इकाई (एसएएफयू) की ओर से कई बार जांच की गई थी। इस दौरान संबंधित अस्पताल संचालकों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया, लेकिन संचालक पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इस पर विभाग ने यह कार्रवाई की है ताकि अन्य अस्पताल भी आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के उपचार और रिकॉर्ड में गड़बड़ी न कर सकें। खबर की हेडिंग बनाकर लिखें
24 निजी अस्पतालों को किया गया था योजना में शामिल : सरकार की ओर से आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को निशुल्क उपचार मुहैया करवाने के लिए दादरी जिले में 24 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया हुआ है। पैनल में शामिल दादरी शहर के रोहतक रोड स्थित एक अस्पताल, घिकाड़ा रोड स्थित एक अस्पताल और लोहारू रोड स्थित एक अस्पताल में एसएएफयू टीम को योजना के लाभार्थी मरीजों के उपचार के दस्तावेजों में काफी खामियां मिलीं।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी निरीक्षण किया तो उन्हें भी खामियां मिलीं। इन अस्पतालों में मिलीं खामियों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की गत 30 अक्तूबर को बैठक आयोजित की। इसमें संबंधित अस्पतालों को एक निश्चित अवधि में अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने का समय दिया गया, लेकिन तय समय में संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद कमेटी की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार यादव अस्पताल व स्वास्तिक अस्पताल को आयुष्मान पैनल से बाहर कर दिया गया और जीके अस्पताल पर तीन लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी मरीजों को उपचार के दौरान जो सुविधाएं देने का रिकॉर्ड दर्ज किया जाता था, वे सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल रही थी। इनके अलावा रिकॉर्ड में भी अनियमितताएं मिली हैं।