झोझूकलां/बौंदकलां। ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) बना रहा है। बौंदकलां सीएचसी में फाउंडेशन तैयार हो गई है जबकि झोझूकलां में नींव खोदाई का काम चल रहा है। करीब छह माह के अंदर दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बीपीएचयू सेवा शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि झोझूकलां और बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीपीएचयू निर्माण के बाद अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा। इससे यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी और बीपीएचयू निर्माण से करीब 60 हजार की आबादी को फायदा होगा। इस सुविधा का लाभ दोनों सीएचसी के अधीन आने वाले करीब 20 गांवों को मिलेगा।
दरअसल, सरकार के निर्देशों पर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर बीपीएचयू बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत पहले चरण में दादरी जिले के बौंदकलां और झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का चयन किया गया है। गोपी सीएचसी में इस सुविधा के लिए लोगों को अभी इंतजार करना होगा। झोझूकलां और बौंदकलां सीएचसी में बीपीएचयू स्थापित करने की स्वीकृति के साथ बजट भी जिला स्वास्थ्य विभाग को कुछ माह पहले मिल चुका है और इसके तुरंत बाद विभाग ने पहले बौंदकलां और अब झोझूकलां में निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है।
- भवन निर्माण पर आएगी 50-50 लाख लागत
बौंदकलां और झोझूकलां में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाने पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च आएगा। जिला स्वास्थ्य विभाग को दोनों केंद्रों में बीपीएचयू भवन बनाने के लिए 50-50 लाख का बजट पहले ही मिल चुका है। इसके अलावा यहां मशीनों समेत अन्य संसाधन मुहैया कराने के लिए अलग से बजट मिलेगा।
- प्रतिदिन 250 रहती है दोनों केंद्रों की ओपीडी
झोझूकलां और बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन करीब 250 से अधिक मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। पीएचसी स्तर से ऊपर की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक आना पड़ता है। दोनों सीएचसी में बीपीएचयू बनने का लाभ करीब 30 से अधिक गांवों के मरीजों को मिलेगा।
- आपातकालीन केस आने पर सीएचसी स्टाफ को मिलेगी मदद
सीएचसी में खुलने वाली बीपीएचयू में बाकायदा लैब भी बनेगी और यहां सीएचसी के अलावा अन्य स्टाफ भी तैनात किया जाएगा। लैब में मरीज सभी प्रकार के टेस्ट करवा सकेंगे। वहीं, सीएचसी पर उपचार या टेस्ट कराने के लिए पहुंचने वाले लोगों को बारी आने तक लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। वहीं, मरीज न होने पर आपातकालीन केस में भी सीएचसी स्टाफ का बीपीएचयू स्टाफ सहयोग करेगा।
वर्सन
बौंदकलां सीएचसी में बीपीएचयू की फाउंडेशन तैयार हो चुकी है जबकि झोझूकलां सीएचसी में नींव खोदाई का काम शुरू हो गया है। करीब छह माह के अंदर दोनों सीएचसी में बीपीएचयू बनकर तैयार हो जाएगी।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ