जलघर परिसर में लगा बोरिंग ट्यूबवेल।
चरखी दादरी। इस बार मानसून सीजन में पर्याप्त मात्रा में बारिश होने पर पेयजल के बोरिंग ट्यूबवेल को संजीवनी मिल गई है। गत पांच साल से पेयजल ट्यूबवेल नकारा होने लगे थे और इनके पानी की गुणवत्ता भी काफी खराब हो गई थी। अब पानी रिचार्ज होने से गुणवत्ता में सुधार आएगा और लोगों को पेयजल संकट से काफी राहत मिल सकेगी।
जिले में मौजूदा मानसून सीजन में 500 एमएम बारिश हो चुकी है। जिला में पेयजल संकट बड़ा मुद्दा रहा है। इतना ही नहीं खेती के लिए किसानों ने कर रखे बोरिंग का पानी का स्तर भी ऊपर आ गया है। इनका पानी मीठा होने लगा है। जिला में जलघरों के अलावा करीब 350 बोरिंग ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई की जा रही है।
इस समय अकेले बाढड़ा में 245 बोरिंग ट्यूबवेल हैं जिनके जरिये करीब 50 गांवों में पेयजल की सप्लाई की जा रही है। नहरी पानी के अभाव में जनस्वास्थ्य विभाग बोरिंग ट्यूबेवल से ही पेयजल आपूर्ति करता है। ट्यूबवेल के पानी में इतनी गुणवत्ता नहीं थी। जनस्वास्थ्य विभाग के जिले भर में 60 से ज्यादा जलघर हैं और उनमें लगे करीब 350 बोरिंग ट्यूबवेल हैं।