चरखी दादरी। पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र होती हैं। एक बार आपका कोई दोस्त आपका साथ छोड़ सकता है, पर पुस्तकें कभी हमारा साथ नहीं छोड़ती। यह बात खुशियों की दीवार संचालक संजय रामफल ने कही।
उन्होंने बताया कि कर्नल भगवान सिंह बिष्ट, स्नेहा, सूबेदार मेजर धर्मराज शनिवार को संस्था पर पहुंचे। उन्होंने संस्था पर जरूरतमंदों के लिए पुस्तकें व अन्य सामान दान किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान प्रदान करती हैं और हमेशा अच्छी बातें ही सिखाती हैं। पुस्तकें हमारा मार्गदर्शन भी करती है। पुराने मंदिर, पुराना इतिहास सभी नष्ट हो जाता है, लेकिन पुस्तकें हमेशा जीवित रहती हैं।
स्नेहा ने कहा कि पुस्तकें हमारे जीवन में बहुत महत्व रखती हैं। ये हमें अच्छे संस्कार प्रदान कर एक अच्छा इंसान बनाती हैं। मेजर धर्मराज ने कहा कि पुस्तकों में जो शब्द और विचार होते हैं, वो अगर हमारे मन को लुभाते हैं तो समझिए आपके चरित्र और जीवन पर एक सकारात्मक असर छोड़ जाते हैं। संजय रामफल ने कहा है कि कोई भी जरूरतमंद छात्र-छात्राएं खुशियों की दीवार पर शाम पांच से छह बजे तक निशुल्क पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान एनके राम रंजन, अभी परमार, नरेंद्र, दर्शन आदि मौजूद रहे।