चरखी दादरी/बौंदकलां। गांव अचीना निवासी मेजर जयवीर यादव के अदम्य साहस के लिए 21 मार्च को सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया है। मेजर जयवीर ने वर्ष 2022 में आतंकवादियों को पकड़ने के लिए नियंत्रण रेखा पर तैनात एक दल का नेतृत्व किया था।
मेजर जयवीर ने एंबुश पार्टी को अंतिम क्षण तक डटे रहने का आदेश दिया। चुनौती देने पर घात लगाकर बैठे आतंकवादियों ने इस दल पर गोलीबारी कर दी। मेजर जयवीर ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना गोलीबारी के बीच एक आतंकवादी को मार गिराया जिसके लिए उन्हें यह पदक मिला। यह पदक लेकर गांव में पहुंचने पर समर्थन फाउंडेशन ने उनका स्वागत किया। इस दौरान दीपक लांबा, रतन सिंह यादव, पंच मंगल सिंह, नंबरदार उमेद सिंह, नरेंद्र, नितेश, हितेश आदि मौजूद रहे।
- प्रारंभिक शिक्षा गांव से तो 12वीं की थी करनाल से
ग्रामीणों ने बताया कि मेजर जयवीर सिंह का जन्म 29 दिसंबर 1989 में मंगल सिंह यादव के घर हुआ। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से हुई। जयवीर को सेना में जाने का शौक था। उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा सैनिक स्कूल कुंजपुरा (करनाल) से पूरी की।
- वर्ष 2012 में प्राप्त किया था कमीशन
मेजर यादव मुक्केबाजी, तैराकी, हॉकी और वॉलीबाल के खिलाड़ी भी हैं। वर्ष 2012 में सेना में कमीशन प्राप्त किया। उसके बाद उन्होंने पैरा कमांडो सियाचिन ग्लेशियर चीन सीमा, आरआर राजौरी और यूएनओ की शांति मिशन के लिए चुना गया। तब उनकी तैनाती कांगो में हुई। अभी वह जम्मू कश्मीर में सीमा पर देश की रक्षा की कमान संभाल रहे हैं।