सीटीएम को ज्ञापन सौंपने दादरी लघु सचिवालय पहुंचे मृतक बिंदर के परिजन।
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एसटीएफ कर्मी की गोली से महेंद्रगढ़ चुंगी पर दम तोड़ने वाले बिंदर के परिजन दादरी पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। बुधवार को मृतक के परिजन और वकील ने इस मामले की जांच उच्चस्तरीय एजेंसी से करवाने की मांग की। इस संबंध में परिजनों ने सीटीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा गया है। उन्होंने कहा कि दादरी पुलिस से इंसाफ मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
बुधवार दोपहर मृतक बिंदर के पिता कृष्ण और अन्य परिजन लघु सचिवालय पहुंचे और सीटीएम से मुलाकात की। उनका कहना है कि दादरी पुलिस से उनको न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहाकि सात फरवरी की शाम उसके बेटे की रोहतक एसटीएफ ने हत्या कर दी थी। 36 घंटे बाद उन्हें पता चला कि यह हत्या एसटीएफ ने की है। पुलिस ने एसटीएफ के सिपाही हरेंद्र को ही गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी तीन मुलाजिमों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक तीन अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। मृतक के पिता कृष्ण और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संजीव तक्षक ने कहा कि इस मामले की जांच दादरी पुलिस की बजाय सरकार को उच्च स्तरीय एजेंसी से करवानी चाहिए।
सबूत नष्ट होने की जताई आशंका
मृतक के परिजनों और पीड़ित पक्ष के वकील संजीव तक्षक का कहना है कि सीसीटीवी के डीवीआर को पुलिस ने कब्जे में ले रखा है। उन्हें आशंका है कि पुलिस सबूत नष्ट कर सकती है, इसलिए अविलंब इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सरकार किसी उच्च स्तरीय एजेंसी को सौंपे।
ये है मामला
एसटीएफ को गत सात फरवरी को इनपुट मिला था कि रोहतक के बलियाणा निवासी विक्की पंडित हत्याकांड में जो काले रंग की अल्टो प्रयोग की गई है वह दादरी के महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप खड़ी है। इसके बाद चार सदस्यीय एसटीएफ महेंद्रगढ़ चुंगी पर पहुंची। गाड़ी से टीम के उतरते ही अल्टो सवार दादरी निवासी तीन युवकों ने हथियार बंदों को देखकर अल्टो भगा ली। पुलिस ने अल्टो सवारों को विक्की हत्याकांड के बदमाश समझा और फायरिंग कर दी। इसमें एक गोली गोशाला मौहल्ला निवासी बिंदर को लगी और उसकी मौत हो गई। इस मामले में एसटीएफ के चारों कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है और एक आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
मामले की जांच अभी चल रही है। फिलहाल सिपाही हरेंद्र के खिलाफ सबूत मिले हैं और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य तीनों पुलिसकर्मियों को भी जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस अपना काम ईमानदारी से कर रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
हितेंद्र दांगी, इंस्पेक्टर, जांच अधिकारी