चरखी दादरी। जिले के चार पीजी कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। इनमें पीजी कोर्स में दाखिला करने में बाढड़ा राजकीय महिला कॉलेज सबसे आगे है। एपीजे महिला महाविद्यालय में सबसे कम दाखिले हुए हैं। चारों महाविद्यालयों के अंदर पीजी कक्षाओं की कुल 580 सीटें हैं। इनमें से अब तक 282 सीटों पर दाखिले हुए हैं।
बाढड़ा के राजकीय महिला कॉलेज में दो कोर्स चल रहे हैं। इसमें 120 सीटें हैं। संस्थान में एमए इतिहास, रानीतिक विज्ञान और एमसी भूगोल की कक्षाएं लग रही हैं। प्रत्येक विषय में 40-40 सीटें हैं। इसमें एमए की छह और एमएससी की एक सीट खाली हैं। इसमें प्रतिशतता की बात करें तो संस्थान की 94 फीसदी सीटें भर चुकी हैं।
वहीं, दूसरे नंबर पर झोझूकलां का महिला कॉलेज है। इसमें एमए, एमएसी व एक डिप्लोमा कोर्स चल रहा है। अगर बात करें एमए की तो इसमें 120 में से केवल 42 सीटें ही भर पाई हैं। वहीं, एमएससी की 170 में से 39 सीटें भरी हैं। योग विज्ञान डिप्लोमा में 30 सीटें हैं। सभी फुल हो चुकी हैं। लेकिन अभी संस्थान की 35 प्रतिशत सीटें खाली हैं।
बौंदकलां कॉलेज की बात करें तो इसमें एमए समाजशास्त्र का कोर्स चल रहा है। इसमें केवल 20 सीटें हैं। लेकिन इसकी 17 सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। तीन सीटें बाकी हैं। वहीं, एपीजे कॉलेज में दो कोर्स एमए व एमकॉम चल रहा है। इसमें एमए में हिंदी व अंग्रेजी विषय शामिल हैं। प्रत्येक विषय में 40-40 सीटें हैं। इसमें एमए की 80 में से 29 और एमकॉम की 40 में से 12 सीटें ही भर पाई हैं। संस्थान की दाखिला प्रतिशतता 34.1 फीसदी रही है।
- छात्रों का स्नात्तकोतर में कम रुझान
दाखिले कम होने का कारण संस्थान के प्राचार्याें से जाना गया। इसमें उन्होंने कहा कि छात्राएं दाखिला लेने में ज्यादा रुचि ले रही हैं, लेकिन छात्रों का स्नात्तकोतर कक्षाओं में दाखिला लेने में कम रुझान है। इसका मुख्य कारण लड़कों का स्नातक के बाद नौकरी तलाश करना है। नौकरी के कारण लड़के पीजी कोर्स में रुचि नहीं रखते।
बाढड़ा के इस महिला कॉलेज में हुए सबसे ज्यादा दाखिले।