बाढड़ा। गांव जीतपुरा में पंचायत घर, आंगनबाड़ी केंद्र व पशु अस्पताल के भवन जर्जर हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी इनकी सुध नहीं ली गई है। इसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक भवनों के पुनर्निर्माण की मांग वह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रख चुके हैं लेकिन अब तक नतीजा सिफर है।
बता दें कि जीतपुरा गांव की आबादी करीब साढ़े तीन हजार है। इस गांव में 10 वार्ड हैं। करीब 1800 मतदाता हैं। ग्रामीण धर्मवीर, मुकेश, महावीर, संजय, सुनील, अनिल, सोनू, संजय आदि ने बताया कि पशु अस्पताल का भवन जर्जर है। इसके अलावा खेल मैदान की चहारदीवारी ही नहीं है। दूषित पानी निकासी के लिए नाले का निर्माण किया गया था, लेकिन वह भी कंडम हो चुका है। इसके चलते गलियों में पानी भरा रहता है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। सरपंच मीना देवी ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर लगेगा। गांव की समस्याओं के लिए जल्द ही अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
ग्रामीण बोले : लंबे समय से झेल रहे समस्याओं का दंश
मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में विधायक व प्रशासन के अधिकारियों को कई बार अवगत करवा चुके हैं। अब तक समाधान नहीं हुआ है।
-सुरेंद्र, ग्रामीण
- गांव के पशु अस्पताल का भवन कई सालों से कंडम है। इसके चलते पशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आठ से दस किलोमीटर दूर जाना पड़ता है या फिर किसी निजी चिकित्सक की सहायता लेनी पड़ती है। यह काफी महंगा पड़ता है।
-धर्मेंद्र, ग्रामीण
- गांव को जाने वाली सड़क कंडम हो चुकी है। इससे आए दिन हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। प्रशासन व विभाग को जल्द ही सड़क मार्ग का निर्माण करवाना चाहिए। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या का दंश झेल रहे हैं।
-संजय शर्मा, ग्रामीण
- दूषित पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण किया गया था, वह पिछले काफी समय से टूटा हुआ है। पानी गलियों में भरा रहता है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नाले का निर्माण कराया जाए।
-संजय, ग्रामीण