चरखी दादरी। दस्तावेज जमा कराने के तीन माह भी आयुष्मान योजना के पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना का लाभ पात्रों को नहीं मिल पा रहा है। बौंदकलां क्षेत्र के पात्र लोगों ने अमर उजाला कार्यालय में फोन कर गोल्डन कार्ड न बनने की परेशानी रखी। उन्होंने बताया कि करीब तीन माह पहले आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने घर-घर जाकर पात्रों के आयुष्मान योजना के फार्म भरवाने के साथ-साथ आधार कार्ड की प्रति ली थी। उस समय एक सप्ताह के अंदर गोल्डन कार्ड बनवाने का तर्क दिया गया था लेकिन अब तक उन्हें गोल्डन कार्ड नहीं मिले हैं।
ज्ञात रहे कि आयुष्मान योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2018 को की थी। एक सप्ताह बाद इस योजना को एक साल पूरा हो जाएगा और चरखी दादरी जिले में अभी भी करीब पांच हजार पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। अब तक विभाग की तरफ से 18 हजार पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं और इनमें से करीब आठ सौ से अधिक लोग पैनल में शामिल छह अस्पतालों में जाकर अपना उपचार करवा चुके हैं। वहीं, बौंदकलां क्षेत्र के पात्र लोगों के दस्तावेज जमा कराने के बाद भी गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष बना हुआ है। शनिवार को बौंदकलां क्षेत्र के लोगों ने अमर उजाला कार्यालय में फोन कर गोल्डन कार्ड न बनने से आ रही परेशानियों की जानकारी दी। लोगों ने बताया कि पात्र होने के बाद भी उन्हें अब तक आयुष्मान योजना से नहीं जोड़ा गया है, जिसके चलते वो पांच लाख तक के निशुल्क उपचार का लाभ नहीं उठा पा रहे। वहीं, आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ अभिमन्यु ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने के लिए आयुष्मान मित्र सहित आंगनबाड़ी व आशा वर्करों की विभाग मदद ले रहा है। इसी कड़ी में पात्र परिवारों के दस्तावेज और औपचाकिरताएं पूरी कराने के लिए उन्हें पात्रों के घर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि जल्द ही सभी पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनवाकर वितरित कर दिए जाएंगे।
सीएचसी में आयुष्मान काउंटर न होना रहा मुख्य कारण
नियमानुसार सिविल अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष्मान काउंटर होना चाहिए। दादरी सिविल अस्पताल में तो गत 23 सितंबर को ही आयुष्मान काउंटर शुरू कर दिया गया था। वहीं, बौंदकलां में करीब एक सप्ताह पहले ही आयुष्मान काउंटर शुरू किया गया है। विभागीय सूत्रों की माने तो बौंदकलां सीएचसी में आयुष्मान काउंटर न होने के चलते गोल्डन कार्ड नहीं बन सके। वहीं, गोपी और बौंदकलां सीएचसी में अभी तक आयुष्मान काउंटर शुरू नहीं किया गया है।
पात्र बोले: जल्द से जल्द विभाग मुहैया कराए गोल्डन कार्ड
- करीब तीन माह पहले आशा वर्कर मेरा फार्म भरवाकर ले गई थी लेकिन अब तक गोल्डन कार्ड मुझे नहीं मिला है। विभाग को जल्द से जल्द गोल्डन कार्ड मुहैया कराने चाहिए।
सुरेंद्र
- आयुष्मान योजना के लिए पात्र होने के बाद भी हमारे गोल्डन कार्ड अब तक नहीं बने हैं। सभी आवश्यक औपचारिकताएं हम पूरी कर चुके हैं लेकिन अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं।
बलजीत
- आंगनबाड़ी वर्कर ने घर आकर हमसे आयुष्मान योजना का फार्म भरवाया था। हमने आधार कार्ड की कॉपी भी दे दी थी लेकिन अब तक हमारे गोल्डन कार्ड बनकर नहीं आए हैं।
रोशनी देवी
- विभागीय कर्मचारियों की लापरवाह कार्यप्रणाली का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है। गोल्डन कार्ड न बनने के चलते हम निजी अस्पतालों में निशुल्क उपचार का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
रमेश देवी
बौंदकलां सीएचसी में आयुष्मान काउंटर न होने के चलते गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे थे। अब वहां हमने आयुष्मान काउंटर शुरू कर दिया है और कर्मचारी को प्रतिदिन 30 गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही सभी पात्रों के गोल्डन कार्ड बनवा दिए जाएंगे।
डॉ. अभिमन्यु, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना