चरखी दादरी। सरसों खरीद को लेकर एजेंसी व आढ़तियों के बीच उलझा पेच नहीं सुलझ रहा है। शुक्रवार सुबह आढ़ती हैंडलिंग एजेंट बनकर सरसों खरीद के लिए राजी हो गए, लेकिन इसके बाद हैफेड की ओर से अग्रिम सुरक्षा राशि के तौर पर 25 लाख रुपये जमा करवाने की शर्त रख दी गई जो आढ़तियों को रास नहीं आई। इसके बाद उन्होंने शाम को सरसों खरीद के बहिष्कार का फैसला बरकरार रखा।
वीरवार को दी जमींदारा सोसायटी ने तीनों मंडियों में सरसों खरीद के लिए हैंडलिंग कांट्रेक्टर बनाए थे। शुक्रवार को आढ़तियों ने इसका विरोध किया। समिति के इस फैसले के विरोध में प्रधान रामकुमार रिटोलिया की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई जो एक घंटे तक चली।
बैठक की समाप्ति पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पांच आढ़तियों को हैंडलिंग एजेंट बनाया जाएगा और उनकी मार्फत ही अन्य आढ़ती सरसों की खरीद-बिक्री करेंगे। इसके बाद आढ़तियों ने सर्वसम्मति से सरसों की खरीद के बहिष्कार का फैसला वापस लेने पर भी सहमति जता दी। इसके बाद हैंडलिंग एजेंट बनाने के लिए आढ़तियों ने हैफेड अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने प्रति हैंडलिंग एजेंट 25 लाख रुपये की अग्रिम सुरक्षा राशि जमा करवाने की शर्त रख दी। ये शर्त आढ़तियों को रास नहीं आई और शाम को उन्होंने सरसों खरीद खरीद का बहिष्कार जारी रखने की घोषणा कर दी।
तीन में से एक हैंडलिंग कांट्रेक्टर पहुंचा बैठक में
मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने सुबह करीब 11:30 बजे आढ़तियों की बैठक हुई। इसमें समिति की ओर से बनाए गए तीन हैंडलिंग कांट्रेक्टर में एक ही उपस्थित रहा जबकि दो ने दूरी बनाई रखी। आढ़तियों ने सरसों की खरीद करने पर हैंडलिंग कांट्रेक्टर का बहिष्कार करने की बात कही जिसके बाद मौके पर मौजूद एक कांट्रेक्टर ने सरसों खरीद न करने का आश्वासन दिया।
नहीं हो पाई सरसों की खरीद
पिछले चार दिनों से खरीद प्रक्रिया जारी है, लेकिन जिले में केवल एक दिन ही 125 क्विंटल सरसों की खरीद हो पाई है। किसानों को शुक्रवार को मंडी में सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
आढ़ती हैंडलिंग एजेंट बनने को तैयार थे, लेकिन हैफेड ने 25 लाख की एडवांस सिक्योरिटी राशि जमा करवाने की शर्त रख दी। ये इसी साल लागू की गई है जो मंजूर नहीं है। दादरी के आढ़तियों का सरसों खरीद का बहिष्कार जारी है। रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, अनाज मंडी एसोसिएशन