चरखी दादरी। केंद्र सरकार द्वारा अटल भू-जल योजना बंद किए जाने के बाद जिले के 49 गांवों में लगे पीजियोमीटर, रेन गेज वाटर, जलकुंड और जल संकेतक बोर्ड की देखरेख एवं अपडेट करने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। इससे भूमिगत जलस्तर की निगरानी और जल संरक्षण गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इन गांवों में भूमिगत जलस्तर 85 मीटर नीचे तक पहुंच चुका है। योजना के तहत जिले में 53 गांवों में 151 जलकुंड, 49 गांवों में रेनगैज वाटर और संकेतक बोर्ड लगाए गए थे। राज्य के 36 ब्लॉक इस योजना में शामिल थे। यह योजना 2019 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य भूमिगत जलस्तर में सुधार लाना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना, ग्रामीणों में जागरूकता फैलाना और जलकुंड एवं संकेतक बोर्ड के माध्यम से भूमिगत पानी का रिचार्ज करना था। योजना के तहत डिजिटल ऑटोमेटिक वाटर रिकार्डर सिस्टम भी लगाए गए थे, जिनकी संख्या जिले में 35 स्थानों पर थी।
चरखी दादरी जिले के पिचौपा कलां गांव में जलस्तर सबसे अधिक 92.15 मीटर नीचे है। जिले के अन्य गांवों में भी जलस्तर 70 से 80 मीटर के बीच दर्ज किया गया है। इस कारण किसानों को 15 एचपी की मोटर से पानी उठाना पड़ रहा है।
बारिश में कमी से बढ़ रहा संकट
किसानों का कहना है कि 1995 के बाद पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, जिससे भूमिगत जलस्तर लगातार घट रहा है। मानसून में कम से कम 600 मिमी वर्षा होने पर ही जलस्तर में वृद्धि संभव है। जिले का कई क्षेत्र रेतीला है, विशेषकर बाढड़ा ब्लॉक, जहां कपास, ज्वार, बाजरा, गेहूं, चना, मूंग, जौ, ग्वार और सरसों की खेती होती है। यहां बिजली ट्यूबवेल के माध्यम से ही सिंचाई संभव है।
जलस्तर गिरने और वर्षा कम होने के कारण पेयजल संकट भी बढ़ रहा है। यदि यही हाल रहा, तो आने वाले समय में खेती और पीने के पानी की उपलब्धता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। वहीं, जल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजना लगातार चलती रहनी चाहिए, तभी भूमिगत जलस्तर में सुधार संभव है।
गांवों में जलस्तर की स्थिति
गोपालवास : 86 मीटर
कादमा : 78.20 मीटर
टोडी : 74.11 मीटर
ऊण : 78.10 मीटर
धनासरी : 80.1 मीटर
कारीमोद : 69 मीटर
लाड : 70.19 मीटर
लाडावास : 74.13 मीटर
नांधा : 79.14 मीटर
काकड़ोली हट्ठी : 69 मीटर
बडेसरा : 73.60 मीटर
बाढड़ा : 68 मीटर
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योजना बंद होने के बाद अगली गाइडलाइन अभी नहीं आई है। जैसे ही निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, चरखी दादरी।