चरखी दादरी। फर्जी मुठभेड़ और 10 लाख की रिश्वत मामले में कार्रवाई की मांग के लिए शिकायतकर्ता पक्ष का बेमियादी धरना वीरवार को भी लघु सचिवालय में जारी रहा। धरनास्थल पर सुबह सांसद धर्मबीर सिंह और दोपहर को विधायक सोमबीर सांगवान पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारी खेमे को मामले में निष्पक्ष और त्वरित जांच का भरोसा दिलाया। विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि वो डीजीपी और गृहमंत्री तक ये मामला पहुंचा चुके हैं।
दूसरी ओर प्रदर्शनकारी खेमे ने वीरवार को धरनास्थल पर ऐलान किया कि आंदोलन लंबा चलेगा और निष्पक्ष जांच होने, दोषी पुलिस कर्मचारियों पर ठोस कार्रवाई न होने तक वो कदम पीछे नहीं खीचेंगे। धरना की अगुवाई कर रहे अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि धरनास्थल पर पहुंचे सांसद धर्मबीर ने उनसे तहरीर मांगी, जिसके बाद धरना समिति ने उन्हें तहरीर सौंप दी। सांसद की ओर से शिकायतकर्ता पक्ष को अवश्य न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया।
- ये संगठन और राजनेता भी पहुंचे धरनास्थल पर
वीरवार को कांग्रेस नेता एवं नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजीत फौगाट, समाजसेवी सोमबीर घसौला, आचार्य देवी सिंह, चिड़िया-5 खाप के प्रधान राजबीर शास्त्री, जिला पार्षद रविंद्र सांगवान चरखी, जिला परिषद उपप्रधान प्रतिनिधि सोनू साहूवास, विनय मैहड़ा, नीटू चरखी, भाकियू के प्रधान जगबीर घसौला समेत भूतपूर्व सैनिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, पूर्व सरपंचों ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
- रानीला गांव की ओर से दिया गया 10 किलोग्राम घी
रानीला गांव निवासी समाजसेवी बलवान सिंह साहू वीरवार शाम ग्रामीणों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। धरनास्थल पर मौजूद लोगों के लिए उन्होंने 10 किलोग्राम घी भी उपलब्ध करवाया। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक आंदोलन करने वालों को वो भविष्य में भी मदद मुहैया करवाएंगे।
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चरखी दादरी में धरनास्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित करते विधायक सोमबीर सांगवान। संवाद
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चरखी दादरी में धरनास्थल पर पहुंचकर समिति सदस्यों से ज्ञापन लेते सांसद धर्मबीर सिंह।