सीमा पर राष्ट्र की रक्षा के लिए शहीद होने वाले जवान कभी मरते नहीं, वो सदा अमर रहते हैं। शहीद हमारी माटी के गौरव हैं और उनका सम्मान देश का सम्मान है। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने गांव बांस में शहीद भूपेंद्र सिंह चौहान को नमन करते हुए ये शब्द कहे। उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार को सरकार के नियम के अनुसार 50 लाख की सम्मान राशि और आश्रित को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दिलवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
इस मौके पर पूर्व मंत्री व जजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतपाल सांगवान भी मौजूद थे। जेपी दलाल ने कहा कि भूपेंद्र सिंह ने साहस और शौर्य दिखाते हुए पाक सेना को करारा जवाब दिया था। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया है। अपने प्राणों की आहुति देकर गांव बांस के इस नौजवान ने भारत मां की रक्षा की है। उनकी शहादत को प्रणाम है। कृषि मंत्री ने शहीद के पिता मलखान सिंह व परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि हमें शहीद भूपेंद्र पर गर्व है।
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि भूपेंद्र चरखी दादरी जिले में सबसे कम आयु का शहीद नौजवान है। मात्र 23 वर्ष की उम्र में उसने सबसे बड़ा पराक्रम करके दिखाया है। उनके बलिदान से और भी युवाओं को देशसेवा की प्रेरणा मिलेगी।
पाक की फायरिंग में शहीद हुए थे भूपेंद्र
बीती पांच सितंबर को कश्मीर के हरदोई सेक्टर में पाक सेना ने अचानक सीमा पार से हमला कर दिया था। इस हमले का जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए थे। गत बुधवार को बांस गांव में शहीद की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई थी।