संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से दादरी जिले में भी ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान ग्रैप वन की पाबंदियां लागू की जा चुकी हैं। वहीं, पिछले करीब दो सप्ताह से दादरी जिले में वायु प्रदूषण का स्तर भी नियंत्रित है।
रविवार को भी जिले में सुबह 11 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 20 दर्ज किया गया, जो अच्छे की श्रेणी में आता है। शाम होते-होते जिले में एक्यूआई बढ़ता चला गया और रात तक यह बढ़कर 80 तक पहुंच गया। वहीं, दूसरी ओर दीपावली पर्व पर अब ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति मिल चुकी है। इसके चलते धनतेरस पर्व पर शनिवार रात को भी गलियों, कालोनियों में बच्चे पटाखे चलाते और आतिशबाजी करते दिखाई दिए।
पटाखे चलाने और आतिशबाजी का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा तथा सोमवार को दिवाली पर्व पर भी जिले में जमकर आतिशबाजी होगी। ऐसे में आने वाले एक-दो दिनों में जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़ना लाजिमी है। सुबह, शाम व रात के समय मौसम में नमी व ठंड महसूस की जा रही है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमवार को दिवाली पर्व के बाद मंगलवार सुबह से एक्यूआई बढ़ सकता है और स्मॉग के हालात भी बन सकते हैं।
दिवाली पर्व पर पटाखे चलाने, आतिशबाजी होने तथा वाहनों के अधिक आवागमन होने के कारण भी एक्यूआई बढ़ सकता है। एक्यूआई बढ़ने तथा स्मॉग बनने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में जिले के चिकित्सक भी लोगों से विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं।
एलर्जी, अस्थमा के मरीज बरतें सावधानी
एक्यूआई बढ़ने और स्माॅग के हालात बनने से पर्यावरण में सल्फर, कार्बन वेस्ट कंपाउंड, क्लोरिन, सिलिकाॅन की मात्रा बढ़ जाती है। इससे एलर्जी, अस्थमा, सीओपीडी के मरीजों के अलावा अन्य लोगों को भी श्वांस से संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बचाव के लिए घर से बाहर निकलते समय हमेशा मास्क लगाकर रखें। एंटी-ऑक्सिडेंट की भरपूर मात्रा वाले फलों व सब्जियों का सेवन करें।
- डॉ. मेजर योगेंद्र देशवाल, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दादरी।
आंखों में जलन, खुजली हो सकती है
स्मॉग की वजह से आंखों में जलन, खुजली की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में आंखों को मसलें नहीं। समय-समय पर आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें। धूल वाले स्थान पर जाने से बचें। आंखों से पानी आने या लाल होने पर चिकित्सक से सलाह लें। घर से बाहर निकलते समय काला चश्मा पहनें।
- डॉ. सुभाष जांगड़ा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दादरी।
बॉक्स :
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार एक्यूआई और उनकी श्रेणी
0-50 अच्छा
51-100 मध्यम
101-200 पूर्व में बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए अस्वस्थ
201-300 खराब
301-400 बहुत खराब
401 से अधिक गंभीर।