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Charkhi Dadri News: अंकित ने दिल्ली से हथियार और झज्जर से लिए थे बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट

Fri, 19 May 2023 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। दादरी सीआईए के हत्थे चढ़े लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े चार गुर्गों ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि झज्जर निवासी अक्षय ने उन्हें दो पिस्तौल और 30 कारतूस दिल्ली में मुहैया करवाए थे। इसके अलावा चार बुलेट प्रूफ जैकेट व हेलमेट उन्हें झज्जर में मुहैया कराए गए थे। हालांकि आरोपियों ने बताया कि हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट व हेलमेट देने वाले शख्स को वो नहीं जानते हैं। हथियारों और अन्य सामान की डिलिवरी देने वालों ने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ था।
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बता दें कि बुधवार को सीआईए ने चांदवास बणी से स्विफ्ट सवार चार युवकों को काबू किया था। इनमें डांडमा निवासी अंकित उर्फ धोलिया, अजय उर्फ भोला, द्वारका निवासी आशुराज उर्फ लक्की और भिवानी के ढाब ढाणी निवासी रविंद्र उर्फ मिंटू शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, 16 कारतूस, एक डोंगल, चार बुलेट प्रूफ जैकेट, चार हेलमेट और कार बरामद की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को वीरवार को ही कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया।

रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि होली से पहले उन्हें दिल्ली में दो पिस्तौल और 30 कारतूस मुहैया कराए गए थे। इसके बाद करीब पंद्रह दिन पहले उन्हें झज्जर के शहीदी पार्क के समीप बुलेट प्रूफ जैकेट व हेलमेट दिए गए। आरोपियों ने बताया कि ये सामान उन्हें और कहीं पहुंचाना था, जगह उन्हें अक्षय बताता। अक्षय के बताने से पहले ही वो पुलिस के हत्थे चढ़ गए। शनिवार को आरोपियों की दो दिन की रिमांड अवधि पूरी हो जाएगी। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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डांडमा में की थी फायरिंग
अक्षय की ओर से मुहैया कराए गए अवैध हथियार का प्रयोग करीब 20 दिन पहले डांडमा में ही किया गया था। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने गांव निवासी एक व्यक्ति के मकान के बाहर हवाई फायरिंग की थी। इसके अलावा पिस्तौल जांचने के लिए भी पांच और हवाई फायर किए थे। आठ कारतूस आरोपियों ने अलग-अलग जगह की हवाई फायरिंग में प्रयोग किए, जबकि 22 कारतूस पुलिस आरोपियों से बरामद कर चुकी है।

डिलीवरी लेने के लिए जय बाबा की कोडवर्ड किया प्रयोग
आरोपियों ने खुलासा कि हथियार और अन्य सामान की डिलिवरी लेते समय जय बाबा की कोडवर्ड प्रयोग किया। यह कोडवर्ड उन्हें अक्षय ने ही बताया था। आरोपियों के अनुसार डिलिवरी लेने से पहले वो बताए गए वाहन का पीछा करते और मौका पाकर उक्त वाहन सवार उनके सामने कोडवर्ड बोलता। उनके वापस जवाब देने के बाद ही सामान उन्हें थमाया जाता था।

- झज्जर और हिसार एसटीएफ पहुंची दादरी
मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को झज्जर पुलिस भी दादरी पहुंची। पुलिस सूत्रों के अनुसार हिसार एसटीएफ टीम भी शुक्रवार को दादरी आई। दोनों टीमों ने सीआईए से आरोपियों के बारे में बातचीत की।

आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। हथियारों की डिलिवरी होली से पहले ली गई थी, जबकि बुलेट प्रूफ जैकेट व हेलमेट की डिलिवरी करीब 15 दिन पहले झज्जर में ली गई। डिलिवरी लेते समय आरोपी कोडवर्ड प्रयोग करते थे।
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दिलबाग सिंह, प्रभारी, सीआईए
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