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Charkhi Dadri News: सड़क पर लावारिस की लाचारी, रोज घायल हो रहे 10 से अधिक लावारिस पशु

Mon, 02 Sep 2024 06:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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फोटो: 18
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सड़क पर लावारिस की लाचारी, रोज घायल हो रहे 10 से अधिक लावारिस पशु
-नगर परिषद की एंबुलेंस पर नहीं कर्मचारी, गोरक्षा दल के सदस्यों की सूचना पर भी नहीं पहुंच रहे कर्मचारी
-सांसद आवास पर धरना देने के बाद एंबुलेंस पर दिए कर्मचारी, प्रशिक्षित न होने के कारण नहीं पकड़ पा रहे घायल पशु

-इलाज के अभाव में सड़क पर ही दम तोड़ रहा गोवंश, रात के समय अधिक हो रहे सड़क पर हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। सड़क पर लावारिस पशुओं की लाचारी प्रशासन पर भारी पड़ रही है। यहां रोजाना 10 से अधिक लावारिस पशु सड़क हादसों में घायल हो रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए पशु अस्पताल तक पहुंचाने का कोई प्रबंध नहीं है। इसी मसले पर गोरक्षा दल के सदस्य सांसद आवास पर धरना तक दे चुके हैं, जिसके बाद नगर परिषद की एंबुलेंस पर कर्मचारी तो दिए, लेकिन पशु पकड़ने में प्रशिक्षित न होने के कारण व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इलाज के अभाव में पशु सड़क पर ही दम तोड़ रहे हैं। ज्यादातर हादसे रात के समय में हो रहे हैं।
शहर में करीब चार हजार लावारिस पशु घूम रहे है। यह सड़कों के किनारे ही रहते हैं। इनसे हो रहे हादसों में गोवंश समेत लोग भी घायल हो रहे हैं। घायल लोगों को तो अस्पताल पहुंचा दिया जाता है लेकिन घायल पशुओं को गोशाला तक पहुंचाने का कोई प्रबंध नहीं हो सका है। हालांकि नगर परिषद ने गोरक्षा दल को एक एंबुलेंस दी है लेकिन इनमें कोई कर्मचारी नहीं थे।
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गोरक्षा दल के सदस्यों ने शनिवार को सांसद आवास पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तो नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप ने गोरक्षा दल की एंबुलेंस पर दो पालियों में दो-दो कर्मचारी मुहैया करा दिए लेकिन रविवार को जब पशु पकड़ने के लिए ये कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो बेकाबू सांड़ को काबू करने में पसीने छूट गए, क्योंकि ये कर्मचारी पशु पकड़ने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। ऐसे में गोरक्षा दल के सदस्यों को ही मोर्चा संभालना पड़ा।

रविवार को छह सूचनाओं में दो पर ही पहुंचे नगर परिषद के कर्मचारी
गोरक्षा दल के माध्यम से रविवार सुबह छह बजे से नौ बजे तक छह जगहों पर पशुओं के घायल, बीमार या मृत मिलने की सूचना दी गई। इनसमें से केवल दो घटनास्थलों पर ही नप कर्मचारी समय से पहुंचे। सुबह छह बजे हालुवास गेट पर एक गाय मृत पड़ी थी, जिसे नप कर्मचारियों ने उठवा दिया। सुबह सात बजे जिला कारागार के पास एक सांड़ को चोट लगी थी। जब उसे नप कर्मचारी काबू नहीं कर पाए तो गोरक्षकों ने काबू किया।
विद्यानगर में एक गाय मृत पड़ी थी, उसे भी गोरक्षा दल के सदस्यों ने उठवाया। चारामंडी में एक बछड़ा सड़क हादसे में घायल था। वहां कर्मचारी देरी से पहुंचे तो बछड़ा नहीं मिला। भारतनगर में एक बैल को चोट लगी थी लेकिन वहां भी कर्मचारी नहीं पहुंच पाए। पतराम गेट पर एक कुत्ता बीमार था, जिसका इलाज करवाया गया।
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शहर और आसपास में खुद के खर्च पर चला रहा पशु उपचार केंद्र गोरक्षा दल
गोरक्षा दल के जिला अध्यक्ष संजय परमार ने बताया कि लावारिस और घायल पशुओं की मदद के लिए प्रशासन और नगर परिषद समय पर मदद नहीं दिला रहा है। एंबुलेंस पर कर्मचारी नहीं हैं। अब विरोध के बाद पशु पकड़ने में अप्रशिक्षित कर्मचारी दिए गए हैं। ऐसे में गोरक्षा दल दल को ही आगे आना पड़ता है। गोरक्षा दल खुद शहर और आसपास के इलाकों में छह अस्थायी पशु उपचार केंद्र चला रहा है, जिसमें घायल पशुओं के इलाज पर हर माह करीब पांच लाख रुपये का खर्च आ रहा है। प्रशासन केवल सरकारी पशु अस्पताल में लाने पर ही पशुओं का इलाज करवा रहा है जबकि नगर परिषद घायल लावारिस पशु को वहां तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।
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वर्सन::::
शहर में घायल लावारिस पशुओं के उपचार के लिए नगर परिषद ने गोरक्षा दल को एंबुलेंस दिलाई है। दो पालियों में नगर परिषद के चार कर्मचारी भी दिए गए हैं, जो घायल पशुओं को उपचार केंद्र तक पहुंचा रहे हैं। लावारिस पशुओं के उपचार में किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। -भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।
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