मंडी में अटल कैंटीन में भोजन करते किसान मजदूर।
चरखी दादरी। दादरी की नई अनाज मंडी में पिछले 10 महीनों से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं किसानों और मजदूरों के लिए सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही हैं। यहां सिर्फ 10 रुपये में मिलने वाला भरपेट भोजन मंडी में आने वालों के लिए बड़ी राहत बन चुका है। कैंटीन का संचालन मोनिका, कांता देवी, पिंकी और गुलप्यारी द्वारा किया जा रहा है। ये महिलाएं रोजाना सुबह से ही भोजन तैयार करने, परोसने और व्यवस्था संभालने में जुटी रहती हैं।
प्रतिदिन 300 से 450 लोगों को भोजन
वर्तमान में कैंटीन में रोजाना करीब 300 प्लेट भोजन वितरित किया जाता है जबकि मंडी में भीड़ बढ़ने पर यह संख्या 450 तक पहुंच जाती है। दूर-दराज से आने वाले किसान और खेतों में काम करने वाले मजदूर इस कैंटीन पर भरोसा करते हैं। भोजन की कुल लागत प्रति प्लेट 25 रुपये है जिसमें से 10 रुपये ग्राहक देते हैं और शेष 15 रुपये मार्केट कमेटी वहन करती है। कम कीमत के बावजूद भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में कोई समझौता नहीं किया गया है।
महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता
इस पहल से केवल जरूरतमंदों को सस्ता भोजन नहीं मिल रहा बल्कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्थायी रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण भी मिला है। पहले घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित ये महिलाएं अब अपने परिवार के लिए आर्थिक सहारा बन चुकी हैं।
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मंडी में किसानों और मजदूरों को सस्ता भोजन मिल रहा है जिसका किसान-मजदूर खूब लाभ उठा रहे हैं। सरकारी की ओर से मंडी में कैंटीन खोलने का आदेश मिला था जिसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से सस्ता खाना दिया जा रहा है। - विजय कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी, दादरी।