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एआई उपयोगी साधन लेकिन यह गुरु या ईश्वर का नहीं ले सकता स्थान : दीप्ति धर्माणी

Sat, 07 Feb 2026 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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महिला महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल अतिथि।  - फोटो : 1
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बाढड़ा। राजकीय महिला महाविद्यालय बाढड़ा में शनिवार को एक दिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार प्राचार्य अनिल कुमार के निर्देशन व डॉ. अनिल कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ।
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सेमिनार का विषय भारतीय ज्ञान प्रणाली पर बल सतत विकास लक्ष्यों के संदर्भ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका व विकसित भारत-2047 रहा। कार्यक्रम में उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा की संयुक्त निदेशक डॉ. अलका शर्मा, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
सेमिनार में किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रोफेसर प्रवीण कुमार अंशुमन, रामलाल आनंद कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से संजय कुमार, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा, महेंद्रगढ़ के भूगोल विभाग से डॉ. खेराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
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संयुक्त निदेशक डॉ. अलका शर्मा ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि समाज में कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। सभी को समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कौशल विकास, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 व विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों पर भी प्रकाश डाला।

सीबीएलयू की कुलपति प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी ने कहा कि जब तक विद्यार्थी स्वयं लिखकर और समझकर अध्ययन नहीं करेंगे, तब तक स्थायी सफलता कठिन है। उन्होंने कहा कि एआई उपयोगी साधन है जबकि यह गुरु या ईश्वर का स्थान नहीं ले सकता। छात्राओं को मस्तिष्क का सकारात्मक उपयोग करते हुए केवल आसान जवाबों के लिए एआई पर निर्भर नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. अलका शर्मा ने महाविद्यालय परिसर में कैंटीन का शुभारंभ किया।
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