जिले की छह मंडियों और केंद्रों पर सोमवार से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इन मंडियों में सरकारी कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं और सक्षम युवा सहित सीएससी सेंटर संचालक की ड्यूटी भी लगा दी गई है। उपायुक्त श्याम लाल पूनिया ने खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के दास को वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह जानकारी दी।
गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा को लेकर आयोजित इस वीसी में उपायुक्त ने बताया कि जिला में लगभग 8500 किसानों ने गेहूं की फसल के लिए पंजीकरण करवाया है। इन पंजीकृत किसानों की गेहूं की फसल की खरीद के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां कर ली हैं और जिला के छह स्थानों एवं मंडियों में सोमवार से खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए जिला में नई अनाज मंडी चरखी दादरी, पुरानी अनाज मंडी चरखी दादरी, बेरला, झोझू, बौंद और छपार गांव में मंडी स्थापित की गई है। सरकार के निर्देशों के अनुसार मंडियों में ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही जिन मंडियों में गेहूं के साथ -साथ सरसों की खरीद भी होनी है वहां विशेष ध्यान देकर तैयारियां करवाई गई हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि फसल खरीद के दौरान वही किसान फसल बेचने के लिए मंडियों में आएं, जिनको एसएमएस या फोन करने जानकारी दी गई हो। बिना किसी काम के मंडियों में आने वाले लोगों पर रोक लगाई जाए। अगर किसी किसान की फसल नहीं कटी है और उसका नंबर आ गया है तो उसको घबराने की जरूरत नहीं है। उसकी फसल अगले चरण में खरीद ली जाएगी।
इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त मो. इमरान रजा, एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह व संदीप अग्रवाल, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक बलवंत सिंह दून, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी ऋषि दांगी, जिला सूचान विज्ञान अधिकारी अमित लांबा सहित हैफेड व वेयर हाउसिंग के कर्मचारी व अधिकरी मौजूद रहे।
54300 हेक्टेयर में हुई है इस बार गेहूं की बिजाई
चरखी दादरी जिले में इस बार गेहूं का बिजित रकबा 54300 हेक्टेयर है। पिछले सात की तुलना में इस बार 200 हेक्टेयर रकबा पड़ा है। 2018-19 में गेहूं का रकबा 54100 हेक्टेयर था। जिले में इस बार करीब दस हजार किसानों ने गेहूं की बिजाई की है।