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चरखी दादरी: DAP के बाद अब यूरिया की किल्लत ने उड़ाई किसानों की नींद, 90 हजार बैग की जरूरत

Tue, 15 Nov 2022 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)

सार

चरखी दादरी जिले में 90 हजार बैग की जरूरत है। अब तक आठ हजार का ही वितरण हुआ है। पहली सिंचाई के बाद यूरिया का फसलों में छिड़काव करना होता है। 
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पुरानी अनाज मंडी में ट्रक से यूरिया लेने के लिए जद्दोजहद में किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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चरखी दादरी जिले में डीएपी के बाद अब यूरिया खाद की किल्लत ने किसानों की नींद उड़ा दी है। सरसों की पहली सिंचाई के समय यूरिया के छिड़काव की जरूरत होती है लेकिन खाद को लेकर मारामारी मची हुई है। जिले में 90 हजार यूरिया बैग की जरूरत है लेकिन अब तक आठ हजार बैग का ही वितरण हो सका है। यूरिया में नाइट्रोजन होता है जो सरसों व गेहूं के लिए अति जरूरी पोषक तत्व माना जाता है।
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बता दें कि किसानों ने सरसों की बिजाई अक्तूबर माह में ही कर दी थी। सरसों का बिजित रकबा इस बार भी 53 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को पार कर गया है। सरसों की पहली सिंचाई करने के बाद यूरिया का छिड़काव जरूरी हो जाता है। ऐसे में किसानों के समक्ष अब यूरिया का भी संकट आ गया है।

क्षेत्र में पिछलेे दो सालों में सरसों का रकबा बढ़ा है क्योंकि इसका भाव बढ़िया होने की वजह से किसान के लिए यह फसल फायदे का सौदा बनने लगी है। इस वजह से अब किसान गेहूं की बिजाई कम करने लगे हैं। किसान विशेष परिस्थिति या घरेलू पूर्ति के लिए ही गेहूं की बिजाई करने लगा है। यूरिया की गेहूं में भी पहली सिंचाई के बाद जरूरत पड़ती है।
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डीएपी खाद लेने के लिए लोगों को सुबह छह बजे लाइन में लगना पड़ा लेकिन फिर भी नहीं मिली। बहुत से किसानों को खाद से वंचित रहना पड़ा। यूरिया खाद लेने पहुंचे किसान राज सिंह घिकाड़ा, खुशीराम, साहिल ने बताया कि डीएपी के बाद यूरिया की किल्लत पैदा हो गई है। सरकार को सभी प्राइवेट व सरकारी दुकानों पर यूरिया खाद भेजना चाहिए ताकि किसान को पर्याप्त मात्रा में यह मिल सके।

किसान ओमबीर ने बताया कि सरकार खाद व बीज आदि के लिए सालाना पीएम किसान योजना के तहत छह हजार रुपये देती है लेकिन किसान को खाद मिल ही नहीं रही है। सरकार समय पर खाद, बीज, बिजली व सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवा दे तो उनको छह हजार रुपये की जरूरत ही नहीं है। यूरिया के 50 किलोग्राम बैग की कीमत 270 रुपये है।

सोमवार को पहुंचा खाद का एक ट्रक
सोमवार को पुरानी अनाज मंडी में यूरिया खाद का एक ट्रक पहुंचा। यह खबर मिलते ही किसानों की लाइन लग गई। जमींदारा सोसायटी कार्यालय के बाहर किसानों की भीड़ एकत्र हो गई। एक ट्रक में 400 बैग ही होते हैं जो थोड़ी देर बाद ही खत्म हो गए। सोसायटी अधिकारियों का कहना है कि अब तक आठ हजार यूरिया बैग वितरित किए जा चुके हैं। तीन हजार बैग की और डिमांड भेजी गई है। खाद पहुंचते ही इसका वितरण कर दिया जाता है।

किसान बोले : पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराए सरकार
सरसों में छिड़काव के लिए यूरिया की जरूरत है। सुबह लाइन में लगा था लेकिन खाद नहीं मिली। सरकार खाद को विदेशों में भेजने के बजाय पहले देश में पूर्ति करे। किसान को समय पर खाद उपलब्ध करवाना चाहिए। आज किसान के आर्थिक हालात बेहद कमजोर हैं। - ओमबीर सिंह, समसपुर

मैं सुबह से यूरिया खाद के लिए लाइन में लगा हूं लेकिन खाद मिलना मुश्किल बना हुआ है। पहले डीएपी की किल्लत से परेशान रहे अब यूरिया नहीं मिल रही है। किसान हर प्रकार से लाचार हो गया है। सरकार को किसान से जुड़ी सुविधाएं समय पर उपलब्ध करवानी चाहिए। - कुलवंत सिंह, घिकाड़ा

जैसे ही खाद के बैग पहुंचते हैं किसानों को वितरित कर किए जाते हैं। डिमांड भेज रखी है। जल्द ही प्राइवेट दुकानों पर भी यूरिया उपलब्ध होगी। किसान को पर्याप्त मात्रा में खाद दी जा रही है। - राजेश कुमार, सहायक मैनेजर, जमींदारा सोसायटी
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