चरखी दादरी। जिले में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए अधिवक्ताओं ने बुधवार को जिला उपायुक्त प्रीति से मुलाकात की। इस दौरान अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के जरिये भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और ग्राम पंचायतों में सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने की मांग की गई।
बुधवार को अधिवक्ता संजीव तक्षक की अगुवाई में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल डीसी कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि चरखी दादरी के जिला बनने के बाद से भ्रष्टाचार बढ़ गया है। जिला मुख्यालय कैंपस में भी आमजन को विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग तरीकों से ठगा जा रहा है। एसडीएम के कार्यालय के दाई तरफ वसिका नवीस व टाइपिस्ट के खोखे रखे हैं और वहां पर आमजन से सेलडीड, बैनामा रिलीज डीड आदि कार्यों के मुंह मांगे दाम वसूले जाते हैं। यहां पर देहाती लोग आते हैं और उन लोगों को जिला कार्यालय की नियमावली व सिटीजन चार्ट की जानकारी नहीं है, इन ग्रामीणों से ये लोग निर्धारित से कई गुना अधिक दाम वसूल कर रहे हैं। ज्ञापन के जरिये सिटीजन चार्ट व रेट लिस्ट अनिवार्य करने की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसील व एसडीएम कार्यालय का भी यही हाल है। प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा यहां आमजन से मुंह मांगे दाम लिए जाते हैं। इतना ही नहीं आरसी, लाइसेंस या रजिस्ट्री के नाम पर भी निर्धारित शुल्क से ज्यादा राशि ली जाती है। ज्ञापन के जरिये अधिवक्ताओं ने राजस्व विभाग की खामियां दूर करने की भी मांग की गई। उपायुक्त प्रीति ने आश्वस्त किया है कि सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जाएगी।
ये अधिवक्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर अधिवक्ता प्रदीप कालीरमन, नरेश, विकास महला, प्रवीन तक्षक, सुमित श्योराण, आशीष सांगवान, शीतल साहू, मोहित चौधरी, प्रशांत, नरेश, रोहित साहू आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे।