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अचीना ने 5 बार पूर्व सैनिकों को सौंपी है गांव की चौधर

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चरखी दादरी। करीब 10 हजार की आबादी वाले गांव अचीना में अब तक पांच बार पूर्व सैनिक गांव के सरपंच बने हैं। अहीर बाहुल्य गांव के हर घर में सैनिक या पूर्व सैनिक है। गांव में 19 वार्ड और 5350 मतदाता हैं। इन चुनावों में सरपंच पद के लिए 12 लोगों के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा है। इस गांव में दो बार महिलाओं ने भी सरपंची की है। निवर्तमान योजना में गांव में लड़कियों के लिए कॉलेज खोलने की मांग पूरी नहीं हो सकी, ऐसे में नए सरपंच के लिए यह बड़ा चुनावी मुद्दा रहेगा।
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चरखी दादरी-दिल्ली प्रमुख सड़क मार्ग से अप्रोच में स्थित गांव अचीना राजनीतिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण माना जाता है। गांव में ज्यादा मतदाता होने की वजह से सभी राजनीतिक दलों की निगाह इस गांव पर टिकी होती हैं। गांव को शिक्षित श्रेणी में माना जाता है। गांव में औसतन हर घर में सैनिक या पूर्व सैनिक है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में महिला के रूप में चंद्रकांता व संतरा देवी सरपंच रह चुकी हैं। गांव में अहीर जाति से ही ज्यादा संख्या में सरपंच चुने गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार दाताराम दो बार और शुभराम तीन बार गांव के सरपंच रह चुके हैं। इसी प्रकार छोटेलाल, चंद्रभान व जयवीर सिंह ने भी गांव में सरपंची की। एससी वर्ग से प्रेम सिंह निवर्तमान योजना में सरपंच रहे। गांव में पूर्व सैनिकों ने पांच बार सरपंची की है जिनमें रघुबीर सिंह, श्रीचंद, रिटायर्ड कप्तान रामचंद्र, रिटायर्ड कप्तान सूरजभान व पूर्व कैप्टन परमानंद के नाम शामिल हैं। संवाद
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- अहीर समुदाय के 2700 वोट
गांव में कुल वोटर 5350 है। इनमें ब्राह्मण समुदाय के 600, बीसी वर्ग 3700 वोट हैं। जिनमें 2700 करीब अहीर समुदाय से हैं। वहीं एससी वर्ग के 700 मतदाता हैं। इस बार गांव में 12 लोगों के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाएं हैं। गांव में 2813 पुरुष और 2537 महिला मतदाता हैं।
- महिला कॉलेज की लंबे समय से खल रही कमी
बीती योजना में सरपंच प्रेम सिंह ने गांव में लड़कियों के राजकीय कॉलेज निर्माण की मांग के लिए प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा था लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल सकी है। कॉलेज निर्माण के लिए शामलात की 10 एकड़ जमीन का प्रस्ताव रखा गया था। नए सरपंच के लिए कॉलेज निर्माण को सरकार से स्वीकृति दिलवाना बड़ा मुद्दा रहेगा।
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