चरखी दादरी। शहर में प्रस्तावित 33 केवीए पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए एक साल से जमीन को लेकर चला आ रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। यह गतिरोध खत्म होने पर जमीन का विषय अब सुलझ गया है। इसके साथ ही अब रेलवे रोड पर नए पावर सब स्टेशन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। करीब आठ माह में यह प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है इससे शहर में बिजली की आपूर्ति में व्यापक सुधार हो सकेगा। हिसार से बिजली वितरण निगम अधिकारियों की टीम गत अगस्त में भागौलिक परिस्थितियों का जायजा पहले ही ले चुकी है।
शहर में दो पावर सब स्टेशन पहले से ही बने हुए हैं। मेन चरखी पावर सब स्टेशन और दूसरा रेलवे रोड सब पावर सब स्टेशन शामिल है। शहर में करीब 17 हजार बिजली कनेक्शन हैं। जिला बन जाने के बाद शहर की बिजली आपूर्ति में सुधार करने की जरूरत बनी हुई है क्योंकि जिला स्तर के सरकारी कार्यालय खुलने पर बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। शहर के रेलवे रोड स्थित पुराने पावर सब स्टेशन की क्षमता 16 से बढ़ाकर 32 एमवीए की जा चुकी है, लेकिन अभी भी इसमें और विस्तार की दरकार है।
इसी दिशा में बिजली निगम ने करीब एक साल पहले 33 केवीए क्षमता का एक और पावर सब स्टेशन बनवाने की योजना तैयार की थी। लंबी समयावधि बीतने के बाद अब निगम ने इसके लिए जगह तय कर दी है। निगम अधिकारियों के अनुसार हेड ऑफिस से रेलवे रोड पर ही नया सब स्टेशन बनाने की स्वीकृति दी गई है।
- शहर में बनेगा सब स्टेशन, गांवों को भी फायदा होगा
नगर में 33 केवीए का नया सब स्टेशन बनने से शहर में बिजली आपूर्ति व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। इतना ही नहीं इसका फायदा समीपवर्ती गांवों को भी मिलेगा। जिला मुख्यालय के साथ लगते तीन गांवों रावलधी, ढाणी फौगाट व समसपुर में शहर के पावर सब स्टेशन से ही बिजली आपूर्ति की जाती है।
- ओवरलोड की समस्या होगी खत्म, सभी फीडरों में एक साथ दौड़ेगा करंट
इस समय शहर में नए 33 केवीए पावर सब स्टेशन निर्माण की सख्त जरूरत बनी हुई है क्योकि मौजूदा पावर सब स्टेशन की क्षमता कम पड़ गई है। इस पर लोड ज्यादा हो गया है। शहरवासी भी चाहते हैं कि उनको शहर के पावर सब स्टेशन से ही बिजली आपूर्ति हो। नया सब स्टेशन बनने से रेलवे रोड मुख्य सब स्टेशन का लोड कम होगा और इसके बाद एकसाथ सभी फीडरों में करंट दौड़ सकेगा।
वर्जन
पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए जगह को लेकर संशय बना हुआ था और अब यह गतिरोध दूर हो गया है। जल्द ही सब स्टेशन निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर हो जाएंगे।
सचिन यादव, एक्सईएन, बिजली निगम