चरखी दादरी। जिला नागरिक अस्पताल में एक्सरे करवाने वाले मरीजों को जल्द ही लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलने की उम्मीद है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यालय की ओर से नई डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) एक्सरे मशीन खरीद ली गई है। जो जल्द यहां पहुंच जाएगी।
मशीन उपलब्ध होने के बाद अस्पताल में एक्सरे जांच की प्रक्रिया तेज होगी। वर्तमान में लगी कंप्यूटेड रेडियोग्राफी (सीआर) मशीन से रिपोर्ट तैयार होने में करीब 10 मिनट लगते हैं जबकि नई डीआर मशीन से महज दो मिनट में एक्सरे की तस्वीर प्राप्त हो सकेगी। इसके अलावा नई मशीन में कैसेट निकालने और बदलने की प्रक्रिया भी नहीं करनी पड़ेगी। इससे मरीजों की जांच में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी।
रोजाना होते हैं 1100 से 1200 एक्सरे
जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1100 से 1200 मरीज एक्सरे करवाने पहुंचते हैं। एक्सरे की अधिक संख्या के कारण एक्सरे केंद्र पर दबाव बना रहता है। कई बार सभी मरीजों की जांच उसी दिन नहीं हो पाती और नंबर नहीं आने पर उन्हें अगले दिन दोबारा अस्पताल आना पड़ता है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेषकर दूरदराज के गांवों से आने वाले मरीजों को जांच के लिए अतिरिक्त समय और पैसे खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में मुख्यालय की ओर से खरीदी गई डीआर मशीन अस्पताल में शुरू होने के बाद मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सीआर और डीआर मशीन में क्या है अंतर
सीआर मशीन : अस्पताल में वर्तमान में कंप्यूटेड रेडियोग्राफी यानी सीआर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें एक्सरे की तस्वीर एक विशेष प्लेट वाली कैसेट पर दर्ज होती है। इसके बाद कैसेट को अलग से रीडर में डालकर डिजिटल तस्वीर तैयार की जाती है। इस प्रक्रिया में कैसेट निकालने, रीडर में डालने और दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार करने जैसे चरण शामिल होते हैं। इसी कारण तस्वीर तैयार होने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है।
डीआर मशीन : डिजिटल रेडियोग्राफी यानी डीआर तकनीक में एक्सरे की तस्वीर डिजिटल डिटेक्टर के माध्यम से सीधे कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाती है। इसमें कैसेट को अलग से रीडर में डालने की जरूरत नहीं होती। इससे तस्वीर जल्दी उपलब्ध होती है और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक उसे तुरंत देख सकते हैं। नई मशीन से दो मिनट में रिपोर्ट के लिए तस्वीर उपलब्ध हो जाती है। जबकि वर्तमान सीआर मशीन में इस प्रक्रिया में करीब 10 मिनट लगते हैं।
जांच प्रक्रिया तेज होने से मरीजों को मिलेगी राहत
डीआर मशीन शुरू होने से एक्सरे केंद्र पर काम की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी। कम समय में तस्वीर उपलब्ध होने से मरीजों को जांच के लिए अधिक देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साथ ही चिकित्सकों को मरीज की स्थिति का आकलन करने के लिए तस्वीर समय पर उपलब्ध हो सकेगी। हालांकि, मरीजों को वास्तविक राहत मशीन की स्थापना, संचालन और उपलब्ध कर्मचारियों के आधार पर मिलेगी। मुख्यालय की ओर से मशीन खरीदे जाने के बाद अब इसके अस्पताल में शुरू होने से मरीजों को बेहतर और तेज एक्सरे सुविधा मिलने की उम्मीद है।
वर्सन
विभाग की ओर से डीआर मशीन की खरीद कर ली गई है। जल्द ही मशीन यहां पहुंचने की उम्मीद है। उसके इंस्टालेशन के बाद चालू होने पर चिकित्सीय सेवाओं में और सुधार होगा तथा मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
डॉ. सुमन तंवर, कार्यवाहक सिविल सर्जन