दादरी के लघु सचिवालय केंद्र स्थित सरल केंद्र।
चरखी दादरी। दादरी के लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र में स्मार्ट कार्डों की कमी के चलते लोगों को वाहनों का पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) व ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल पा रहे थे। स्मार्ट कार्ड खत्म होने के कारण नई आरसी व डीएल न मिलने के कारण लोग सरल केंद्र के चक्कर लगाने के लिए मजबूर थे। लोगों की परेशानी को देखते हुए अमर उजाला समाचार पत्र ने इस समस्या को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और मुख्यालय से बात कर यहां दो हजार स्मार्ट कार्डों की खेप मंगवाई। सरल केंद्र में स्मार्ट कार्ड पहुंचने पर विभाग ने आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट कर संबंधित लोगों के पते पर भेजने शुरू कर दिए हैं।
बता दें कि दादरी स्थित सरल केंद्र में गत 11 नवंबर से आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए स्मार्ट कार्डों की कमी बनी हुई थी। समय रहते आवेदकों को ये दस्तावेज न मिलने के कारण पुलिस की ओर से चालान किए जाने का डर भी बना हुआ था। जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही थी। आवेदक आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए लगातार सरल केंद्र के चक्कर लगा रहे थे।
इतने आवेदकों के लंबित थे आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस
सरल केंद्र में स्मार्ट कार्डों की कमी के चलते गत 11 नवंबर से करीब 1700 आवेदकों के वाहनों की आरसी व 300 ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट होने का काम बकाया चल रहा था। फीस जमा करवाने के बावजूद समय पर वाहनों की आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने के कारण आवेदकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आवेदकों का कहना था कि लगातार सरल केंद्र के चक्कर लगाने से उनका समय खराब हो रहा था।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
आवेदकों की परेशानी को देखते हुए अमर उजाला की ओर से गत 15 दिसंबर के अंक में स्मार्ट कार्ड की कमी से अटके आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस, शीर्षक के साथ इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने दो हजार स्मार्ट कार्डों की खेप सरल केंद्र में भिजवाई है। स्मार्ट कार्ड पहुंचने के बाद यहां कार्यरत कर्मचारियों ने भी लंबित आरसी व लाइसेंस प्रिंट करने का काम शुरू कर संबंधित आवेदकों के पते पर भेजने शुरू कर दिए हैं।
एक सप्ताह पहले 500 स्मार्ट कार्ड मंगवाए गए थे। उसके बाद दो हजार स्मार्ट कार्ड और सरल केंद्र में आ गए हैं। आवेदकों को समय पर आरसी व लाइसेंस मिल सकेंगे।
-योगेश सैनी, एसडीएम, दादरी।